जागरण टुडे। लोकार्पण से पहले ही नगर पालिका के निर्माण कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई। शहर के कचहरी रोड तिराहे स्थित परशुराम चौक पर स्थापित भगवान परशुराम के प्रतीक फरसा और त्रिशूल रविवार देर रात अचानक गिर पड़े। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोगों में नाराजगी है, वहीं पूरे मामले ने नगर पालिका और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही नगर पालिका अध्यक्ष ने स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बाद देर रात तक मजदूरों से झुके हुए फरसा और त्रिशूल को सीधा कराया गया था। इसके बावजूद लोकार्पण से पहले ही दोनों प्रतीक भरभराकर गिर गए। इससे निर्माण कार्य की मजबूती और गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि प्रतीक कमजोर निर्माण के कारण गिरे या फिर किसी ने जानबूझकर उन्हें क्षतिग्रस्त किया। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।
घटना के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। समाज के नेता दिलीप पचौरी और हरेंद्र सारस्वत ने नगर पालिका के निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। हरेंद्र सारस्वत ने आरोप लगाया कि वर्ष 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज की उपेक्षा हुई तो उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।
फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और नगर पालिका की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि निर्माण में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।