सोख रोड स्थित नगला माना के राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल प्रसादी वितरण के साथ श्रद्धा एवं भक्ति के माहौल में संपन्न हो गया। कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष किए और विश्व कल्याण की कामना के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
कथा के अंतिम दिन कथा व्यास मोहित कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, सुदामा चरित्र और उद्धव उपदेश का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों के निष्काम प्रेम, समर्पण और सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होकर उन पर सदैव कृपा बरसाते हैं। सुदामा प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने मित्रता, सेवा और निस्वार्थ भक्ति का संदेश दिया।
कथा समापन के दौरान पूरा मंदिर परिसर "राधे-राधे" और "जय श्रीकृष्ण" के उद्घोषों से गूंज उठा। इसके बाद वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, समाज की खुशहाली और विश्व शांति की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कीं।
यज्ञ के उपरांत विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के कुंवर नरेंद्र सिंह के कार्यक्रम में पहुंचने पर ग्रामीणों ने पगड़ी और साफा पहनाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया।
कार्यक्रम में परीक्षित जमुना दास, रमन स्वामी, गिरधारी प्रधान, महेंद्र मुखिया, महावीर सिंह राजावत, ठाकुर श्याम जी, अमर सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी पवन राजावत, पूरन सिंह, गुल्लो भगत, कृष्णानंद महाराज, राधेश्याम बाबा, कमल सिंह, नानक चंद, रमन पहलवान, बनवारी लाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। आयोजन के सफल समापन पर श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायी आयोजन बताया।