हसनपुर तहसील में तैनात एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को किसान से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने सोमवार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से घेराबंदी कर रही टीम ने उसे तत्काल पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ गजरौला थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव कुदैना निवासी किसान देवकरन सहित तीन किसानों की भूमि की पैमाइश के बाद ठिएबंदी (सीमा निर्धारण) की प्रक्रिया पूरी होनी थी। आरोप है कि इस कार्य के बदले राजस्व निरीक्षक अरविंद शर्मा ने प्रत्येक किसान से 30-30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
देवकरन ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर मामले की शिकायत एंटी करप्शन संगठन, मुरादाबाद से की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद प्रभारी निरीक्षक नवल मारवा और क्षेत्राधिकारी यशपाल सिंह के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।
योजना के तहत सोमवार को आरोपी राजस्व निरीक्षक ने देवकरन को फोन कर गजरौला स्थित एक मिष्ठान भंडार पर 10 हजार रुपये लेकर आने को कहा। शिकायतकर्ता निर्धारित राशि लेकर मौके पर पहुंचा, जबकि एंटी करप्शन टीम सादे कपड़ों में पहले से आसपास तैनात थी।
जैसे ही किसान ने आरोपी को 10 हजार रुपये दिए, टीम ने तत्काल छापा मारकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम के सदस्यों ने चारों ओर से घेरकर उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गजरौला थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक नवल मारवा ने बताया कि आरोपी ने तीन किसानों से कुल 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता देवकरन से 10 हजार रुपये लेते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।