जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। "ठेका हटाओ, जान बचाओ" के गगनभेदी नारों के साथ गुरुवार को अमरपुर बाईपास स्थित देशी शराब के ठेके के विरोध में गांव तबालपुर, मौसमपुर, रामपुरिया नगला, सुल्तानपुर और नसरतपुर की महिलाओं एवं ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और शराब का ठेका तत्काल हटाने की मांग की। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने "ठेका हटाओ, जान बचाओ" के नारे लगाए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लकड़ी के बड़े-बड़े लट्ठे रखकर आवागमन रोक दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं। स्थिति को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं सरोज ने बताया कि अमरपुर बाईपास पर संचालित शराब के ठेके के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। शराब खरीदने आने वाले लोग अपने वाहन सड़क किनारे और चौराहे पर आड़े-तिरछे खड़े कर देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उनका कहना था कि जब तक शराब का ठेका नहीं हटाया जाएगा, तब तक ग्रामीणों का विरोध जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि पांच दिन पूर्व गांव मौसमपुर निवासी रामबाबू की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। आरोप है कि एक ट्रैक्टर चालक शराब खरीदने के लिए ठेके पर आया था और उसने ट्रैक्टर चौराहे पर खड़ा कर दिया था। इसी दौरान दूसरे वाहन को ओवरटेक करते समय रामबाबू की बाइक खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के बीच संचालित शराब के ठेके पर दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे महिलाओं, छात्राओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार शराबियों द्वारा अभद्रता और हंगामा किए जाने की घटनाएं भी सामने आती हैं, जिससे गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
करीब डेढ़ घंटे तक चले जाम के बाद सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर क्राइम अवधेश भदौरिया एवं एसएसआई बीएल शर्मा ने ग्रामीणों से वार्ता कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने सड़क पर रखे गए लट्ठों को हटवाकर यातायात सुचारु कराया और जाम में फंसे वाहनों को सुरक्षित निकाला।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शराब का ठेका नहीं हटाया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।