जागरण टुडे। जनपद एटा में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मलावन क्षेत्र की 9.401 हेक्टेयर भूमि को वेटलैंड (आर्द्र भूमि) घोषित किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के प्रयासों से तैयार प्रस्ताव को जिला आर्द्र भूमि समिति के माध्यम से शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। यह जनपद के इतिहास में पहली बार है जब इतने बड़े क्षेत्र को वेटलैंड के रूप में अधिसूचित करने की पहल की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विस्तृत सर्वेक्षण, सीमांकन, जैव विविधता के आकलन और तकनीकी मानकों की जांच के बाद प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद वेटलैंड के संरक्षण, विकास और प्रबंधन के लिए व्यापक कार्ययोजना लागू की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार वेटलैंड विकसित होने से क्षेत्र में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाएगा। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र अधिक मजबूत होगा। साथ ही प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास उपलब्ध हो सकेगा। यह परियोजना जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने जनपदवासियों से आर्द्रभूमियों के संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण अभियानों में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एटा को पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जनपदों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना पर तेजी से कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे आने वाले वर्षों में पर्यावरण और जैव विविधता को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।