जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद की तहसील पटियाली में सोमवार को भूमि पैमाइश को अधिक सटीक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। धारा-24 सहित अन्य पैमाइश मामलों में परंपरागत जरीब व फीता के विकल्प के रूप में आधुनिक GNSS रोवर तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का संचालन नायब तहसीलदार मुकेश कुमार, राजस्व निरीक्षक जगवीर सिंह तथा लेखपाल प्रशांत सिंह और राकेश राजपूत द्वारा किया गया। अधिकारियों ने मौके पर GNSS रोवर के माध्यम से भूमि पैमाइश की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए इसके संचालन और उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ने बताया कि GNSS (Global Navigation Satellite System) रोवर एक आधुनिक मोबाइल सैटेलाइट रिसीवर है, जिसका उपयोग भूमि पर किसी भी स्थान के अक्षांश एवं देशांतर की सेंटीमीटर-स्तर तक सटीक स्थिति ज्ञात करने के लिए किया जाता है। यह उपकरण GPS, GLONASS और Galileo जैसे उपग्रहों से सिग्नल प्राप्त करता है तथा एक स्थिर बेस स्टेशन (Base Station) से प्राप्त सुधार (Corrections) के आधार पर अत्यंत सटीक मापन उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से भूमि पैमाइश पहले की अपेक्षा अधिक तेज, सटीक और विश्वसनीय हो जाती है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों, लेखपालों एवं राजस्व निरीक्षकों को GNSS रोवर से पैमाइश करने की विधि, डिजिटल सीमांकन की प्रक्रिया तथा इसके व्यावहारिक लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पैमाइश संबंधी विवादों में कमी आएगी, समय की बचत होगी तथा राजस्व विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्र के किसान, लेखपाल तथा राजस्व निरीक्षक उपस्थित रहे। सभी ने आधुनिक तकनीक आधारित इस पहल का स्वागत करते हुए इसे राजस्व विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।