उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में श्री माथुर चतुर्वेद परिषद का त्रिवार्षिक चुनाव आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। तीन दिवसीय निर्वाचन प्रक्रिया के बाद विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों का चयन किया गया। चुनाव में समाज में एकजुटता और समन्वय की भावना देखने को मिली, जहां कई प्रत्याशियों ने संगठन की एकता को प्राथमिकता देते हुए अपने नामांकन वापस ले लिए।
निर्वाचन परिणाम के अनुसार राजन पाठक परिषद के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। संजय चतुर्वेदी को महामंत्री, कमल चतुर्वेदी एवं योगेंद्र चतुर्वेदी को उपाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा नीरज चतुर्वेदी को कोषाध्यक्ष तथा संजय चतुर्वेदी, अनिल चतुर्वेदी, श्याम (मोनू) चतुर्वेदी और हरदेव चतुर्वेदी (हप्पू) को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। आशीष चतुर्वेदी को निरीक्षक नियुक्त किया गया।
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान समन्वय समिति की बैठक में परिषद के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के मुख्य संरक्षक महेश पाठक की पहल पर आपसी सहमति बनी। इसके तहत उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी देवेंद्र चतुर्वेदी और राजेश चतुर्वेदी ने अपने नामांकन वापस ले लिए। वहीं मंत्री पद के प्रत्याशी सुशांत चतुर्वेदी और अनिरुद्ध चतुर्वेदी ने भी संगठनात्मक एकता को प्राथमिकता देते हुए चुनाव मैदान से हटने का निर्णय लिया। इसके बाद शेष पदों पर निर्विरोध और शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचन संपन्न कराया गया।
मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने कहा कि समाज सेवा का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, न कि आपसी मतभेद बढ़ाना। उन्होंने कहा कि समाज में समन्वय और भाईचारे की भावना बनी रहे, यही परिषद की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनका कहना था कि आपस में संघर्ष कर समाज सेवा करने की बजाय मिलकर कार्य करना अधिक प्रभावी और हितकारी है।
कार्यक्रम का संचालन परिषद के महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट ने किया। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी उमेंद्र चतुर्वेदी और संजीव चतुर्वेदी द्वारा निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सफल चुनाव संपन्न कराने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्य संरक्षक महेश पाठक, संरक्षक गिरधारीलाल पाठक, नवीन नागर, राकेश तिवारी, रंजीत चतुर्वेदी, ब्रजेश चतुर्वेदी, अटल चतुर्वेदी, स्वतंत्र चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में चतुर्वेदी समाज के लोग उपस्थित रहे।