मथुरा। जिले में 12 जुलाई को प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण महाभियान-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अभियान की तैयारियों का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि शासन के निर्देशानुसार 12 जुलाई को जनपदभर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके लिए सभी उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदर्श स्थलों का चयन कर समय से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि खेल मैदानों, अमृत सरोवरों, सड़क किनारे, एसटीपी प्लांट, स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय, औद्योगिक क्षेत्रों, पार्कों, मंडियों, अस्पतालों, नहर एवं यमुना किनारे तथा परिक्रमा मार्ग पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराया जाएगा। बरगद, पीपल, नीम, जामुन, पाकड़, गुलमोहर, पलाश, अशोक समेत फलदार और छायादार पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभियान में सरकारी विभागों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने अधिकारियों को मियावाकी पद्धति से विकसित किए जाने वाले स्थलों का चयन करने के निर्देश दिए। इन स्थानों को 'लाड़ली वन' के रूप में विकसित किया जाएगा।
वृक्षारोपण अभियान की निगरानी के लिए निर्वाचन की तर्ज पर जिला स्तर पर एकीकृत नियंत्रण कक्ष (ईओसी) स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रत्येक स्थल की गतिविधियों और प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग होगी।
जनपद के लिए इस वर्ष 33 लाख 25 हजार 200 पौधे लगाने का संशोधित लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वन विभाग को 4 लाख 68 हजार पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को समय से पौधों का उठान, गड्ढों की खुदाई तथा 'हरीतिमा अमृत वन ऐप' के माध्यम से जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर मथुरा को हरित बनाने में सहयोग की अपील की।