जागरण टुडे, मथुरा।
23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर बुधवार को गोवर्धन तहसील सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक सुवेंद्र कुमार भगत, मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु, पर्यटक, दर्शनार्थी और परिक्रमार्थी मेले में शामिल होते हैं। वर्ष 2025 में भी 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मेले में भाग लिया था। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वॉच टावर तथा 150 बैरियर लगाए जाएंगे। पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए 183 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि 350 पीए सिस्टम के माध्यम से लगातार घोषणाएं की जाएंगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 61 पार्किंग स्थल, 1100 रोडवेज बसें, 19 अग्निशमन वाहन, 54 गिरिराज मोबाइल, 600 ड्यूटी प्वाइंट, तीन सीसीटीवी कंट्रोल रूम और नौ सब-कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इसके अलावा एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि मेले में 16 अस्थायी चिकित्सा सहायता केंद्र, 22 चिकित्सा शिविर, 14 एंबुलेंस, पांच बाइक एंबुलेंस टीम, छह हेल्थ मोबाइल यूनिट और दो एनजीओ के चिकित्सा शिविर संचालित होंगे। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच खोया-पाया केंद्र, 140 हैंडपंप, 30 पानी के टैंकर, 17 आरओ प्लांट, 25 मोबाइल शौचालय और तीन जनसुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की ओर से 1281 एलईडी लाइट, 212 सोलर लाइट, 14 सेमी हाई मास्ट और एक हाई मास्ट लाइट लगाने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार मुड़िया पूर्णिमा मेला को प्लास्टिक मुक्त मेला बनाया जाएगा।
अपर पुलिस महानिदेशक सुवेंद्र कुमार भगत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारी श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करें और किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न होने दें। वहीं मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने साफ-सफाई, पेयजल, खाद्य सुरक्षा और समय पर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा के मौसम को देखते हुए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मेले के लिए एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां पुलिस, स्वास्थ्य, रोडवेज, अग्निशमन, विद्युत और अन्य विभागों के अधिकारी चौबीसों घंटे मौजूद रहेंगे।