एटा रोड, गांधी रोड, थाना रोड, कैनाल रोड, सुदामापुरी रोड सहित अधिकांश मुख्य मार्ग बदहाल, पैचिंग पर लाखों खर्च फिर भी नहीं बदली तस्वीर
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। क्यों कि कस्बे की प्रमुख सड़कें अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही हैं। एटा रोड, गांधी रोड, थाना रोड, कैनाल रोड, सुदामापुरी रोड समेत नगर के अधिकांश मुख्य मार्गों पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
नगरवासियों का आरोप है कि विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर उनकी गुणवत्ता कहीं दिखाई नहीं देती। सबसे अधिक सवाल थाना रोड और एटा रोड को लेकर उठ रहे हैं। पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल में रामलीला महोत्सव से पहले इन दोनों प्रमुख मार्गों तीन-तीन बार लाखों रुपये की लागत से पैचिंग वर्क कराया गया।
उद्देश्य यह था कि रामलीला के दौरान प्रतिदिन नगर भ्रमण पर निकलने वाला रथ हिचकोले न खाए एवं बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों को परेशानी न हो, लेकिन हर बार पैचिंग कुछ ही दिनों में उखड़ गई और सड़कें फिर पुराने हालात में पहुंच गईं और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई हैं।
नगर के गांधी रोड, कैनाल रोड और सुदामापुरी रोड की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। जगह-जगह सड़कें टूट चुकी हैं। जहाँ अब बरसात में इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक हादसों का शिकार हो रहे हैं। कई वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं, जबकि छोटे वाहन आए दिन इन गड्ढों में फंस रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका समय रहते सड़कों की मरम्मत की ठोस योजना बनाने में पूरी तरह विफल रही है। यदि मानसून से पहले गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य कराया जाता तो आज नगरवासियों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
लोगों का यह भी आरोप है कि बार-बार पैचिंग के नाम पर सरकारी धन खर्च किया गया, लेकिन टिकाऊ निर्माण नहीं कराया गया, जिससे सरकारी धन के उपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नगरवासियों का कहना है कि नगर पालिका को केवल औपचारिक पैचिंग कराने के बजाय क्षतिग्रस्त सड़कों का स्थायी निर्माण कराना चाहिए, ताकि हर बरसात में वही समस्या दोबारा न खड़ी हो। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर की सभी प्रमुख सड़कों का तकनीकी निरीक्षण कराकर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए तथा बार-बार पैचिंग के नाम पर हुए खर्च और उसकी गुणवत्ता की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
गंजडुंडवारा की टूटी सड़कें केवल असुविधा का कारण नहीं, बल्कि हर दिन दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण देती नजर आ रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर विकास के दावों के बीच नगर की मुख्य सड़कें कब गड्ढों से मुक्त होंगी और नगर पालिका परिषद इन समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में कब ठोस कदम उठाएगी।