जागरण टूडे, फहीम अख्तर, कासगंज।
जनपद में बाल एवं किशोर श्रम पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया। सहायक श्रम आयुक्त के निर्देशन में श्रम विभाग एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कस्बा सोरों, सहावर और अमांपुर क्षेत्र में विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान पांच किशोर श्रमिकों को श्रम कार्य से मुक्त कराया गया।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने होटल, ढाबों, दुकानों, वर्कशॉप तथा अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि कहीं भी बाल एवं किशोर श्रमिकों से अवैध रूप से कार्य तो नहीं कराया जा रहा है। जांच के दौरान पांच किशोर श्रमिक कार्य करते मिले, जिन्हें तत्काल श्रम से मुक्त कराया गया। संबंधित सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत बच्चों से श्रम कराना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर संबंधित नियोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि समाज में बाल श्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है, ताकि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य का अधिकार मिल सके।
इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी शाहिद अली खान, श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामवीर सिंह तथा थाना एएचटी की टीम सक्रिय रूप से शामिल रही। संयुक्त टीम ने व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे किसी भी बच्चे या किशोर को श्रम में नियोजित न करें और यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जनपद में बाल श्रम उन्मूलन के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।