जागरण टुडे, जलेसर (एटा)।
भीषण गर्मी के बावजूद शनिवार को जलेसर में आयोजित पारंपरिक शनिचर की जात में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। रात 12 बजे से शुरू हुए धार्मिक आयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालु छोटे मियां और बड़े मियां के दरबार पहुंचे और श्रद्धा सुमन अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई, जिससे पूरे नगर में मेले जैसा माहौल बना रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सुबह करीब नौ बजे के बाद जलेसर बायपास, आवागढ़ रोड और ईसौली रोड पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से यातायात को व्यवस्थित कराया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था की कमान एसडीएम पीयूष रावत, सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और कोतवाली प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने संभाली। अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क निगरानी के चलते मेले के दौरान झपटमारी, मोबाइल चोरी अथवा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस राहत शिविर स्थापित किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने मेडिकल कैंप लगाकर जरूरतमंदों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों ने जगह-जगह ठंडे पेयजल और शर्बत के शिविर लगाकर भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई। श्रद्धालुओं ने इन व्यवस्थाओं की सराहना की।
दिनभर धार्मिक जयघोषों और भक्ति के माहौल के बीच श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और समाजसेवियों के समन्वित प्रयासों से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। जलेसर में इस बार शनिचर की जात आस्था, सेवा और सुरक्षा के अनूठे संगम के रूप में यादगार बन गई।