83 मुकदमे दर्ज, 26.76 लाख रुपये, मोबाइल, एटीएम कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी बरामद
साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए गए विशेष अभियानसी वाई-वज्र के तहत बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सात से 13 जुलाई तक चले अभियान में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 91 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 26 लाख 76 हजार 740 रुपये नकद, 72 मोबाइल फोन, 31 एटीएम कार्ड समेत अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी के निर्देशन में चलाए गए अभियान में साइबर सेल, साइबर थाना, एसओजी और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई की। जांच में कई राज्यों से जुड़े साइबर गिरोहों के सक्रिय सदस्यों के साथ ही म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले लोगों को भी पकड़ा गया। पुलिस टीमों ने डिजिटल सर्विलांस, बैंकिंग रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के आधार पर अपराधियों की पहचान की। साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 83 मुकदमे दर्ज करके 26.76 लाख रुपये नकद बरामद करने के अलावा 72 मोबाइल फोन 31 एटीएम कार्ड, 3 फर्जी आधार कार्ड, 1 पेटीएम स्कैनर, 940 यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी, 1 शीड क्रिप्टो उपकरण शामिल हैं।
शाहजहांपुर में कमीशन के लालच में खुलवाते थे बैंक खातों तक पहुंच
शाहजहांपुर के थाना कांट क्षेत्र में पकड़े गए आरोपियों ने साइबर ठगी का नया तरीका अपनाया था। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों की जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद एसएमएस एपीके इंस्टॉल कराकर ओटीपी और बैंकिंग संदेश अपने हैंडलर तक पहुंचाते थे। इन जानकारियों के जरिए खातों से रकम निकालकर ठगी की जाती थी। ठगी की रकम पर मिलने वाला कमीशन आरोपियों को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के रूप में दिया जाता था।
मोबाइल चोरी कर जामताड़ा भेजते थे ठग
साइबर थाना बरेली ने अंतरराज्यीय मोबाइल चोरी और साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक झारखंड के गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिलों में आकर रेलवे स्टेशन के आसपास किराये पर रुकते थे। इसके बाद स्थानीय ऑटो और टैक्सी चालकों को साथ मिलाकर भीड़भाड़ वाले इलाकों और साप्ताहिक बाजारों में मोबाइल चोरी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल झारखंड के नाला और जामताड़ा में सक्रिय साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे। वहां मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और डिजिटल जानकारी का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की जाती थी। गिरोह मोबाइल चोरी के लिए एक नाबालिग को भी साथ रखते थे और करीब 100 मोबाइल चोरी करने के बाद वापस लौट जाते थे।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल, समय बचा सकता है पैसा
पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार ठगी के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें, जिससे ट्रांजेक्शन की जानकारी लेकर संबंधित खाते को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा सके। 30 मिनट के भीतर शिकायत करने से रकम की रिकवरी की संभावना अधिक रहती है। शिकायत में सही और पूरी जानकारी दर्ज कराएं। www.cybercrime.gov.in(http://www.cybercrime.gov.in) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।