जागरण टुडे, डीग।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 75 पुनर्विकसित अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इसी क्रम में उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल स्थित डीग रेलवे स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित किया गया। राजस्थान के आठ पुनर्विकसित अमृत भारत स्टेशनों में डीग स्टेशन भी शामिल रहा।
डीग रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैडम मुख्य अतिथि रहे। वहीं, डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष शिवानी राहीमा, स्वतंत्रता सेनानी हुकम चंद सैनी और राम जी लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
समारोह में मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल, अपर मंडल रेल प्रबंधक गिरीश कुमार गुप्ता, मंडल के विभिन्न शाखा अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, डीआरयूसीसी एवं जेडआरयूसीसी के सदस्य, जनप्रतिनिधि, यूनियन प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
करीब 15.24 करोड़ रुपये की लागत से डीग रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल स्वरूप देने के लिए आकर्षक स्टेशन भवन, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, आधुनिक साइनेज, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, हरित क्षेत्र, पार्किंग, फुटओवर ब्रिज, पेयजल सुविधा, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
स्टेशन के पुनर्विकास में स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय विरासत को भी विशेष स्थान दिया गया है। भवन के बाहरी स्वरूप और सौंदर्यीकरण में स्थानीय स्थापत्य कला की झलक देखने को मिलती है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का भी अनुभव होगा।
दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए रैंप, टैक्टाइल पाथ, व्हीलचेयर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सुगम प्रवेश मार्ग, लो-हाइट टिकट काउंटर और स्पष्ट दिशा-सूचक संकेतक लगाए गए हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पुनर्विकसित डीग रेलवे स्टेशन से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, कृषि और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध होगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भारतीय रेलवे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।