जागरण टुडे, कासगंज (सुबोध महेश्वरी)
जब फरियाद सुनने वाला कोई न मिले तो दर्द शब्दों से निकलकर खून में उतर आता है। कुछ ऐसा ही मामला जनपद से सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार ने न्याय की आस टूटने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से प्रार्थना पत्र लिखकर भेजा है। इतना ही नहीं, परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री आवास, लखनऊ के सामने पूरे परिवार सहित आत्मदाह करेंगे। इस चेतावनी के बाद पूरे इलाके में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला
सोरों कस्बे के मोहल्ला कटरा मठ निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि 18 जुलाई 2026 की रात विनीत, विवेक पुत्र निमन गुप्ता, शिवम, ऋषभ पुत्र नानकचंद्र गुप्ता, अतुल, राहुल, संजय पुत्र सुमन गुप्ता समेत करीब 100 लोगों की भीड़ ने उनकी निजी संपत्ति पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने जमकर तोड़फोड़ की और करीब 1.50 लाख रुपये की नकदी के साथ लाखों रुपये का सामान लूटकर ले गए।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की सूचना उसी रात पुलिस को दे दी गई थी। इसके बाद भी कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन न तो आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई और न ही मुकदमा दर्ज किया गया। परिवार का दावा है कि पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है, इसके बावजूद पुलिस ने फुटेज के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की।
आखिरकार न्याय की उम्मीद टूटने पर परिवार ने ऐसा कदम उठाया जिसने हर किसी को झकझोर दिया। परिवार ने अपने खून से मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र लिखा और उसे जिलाधिकारी कासगंज के माध्यम से लखनऊ भेजा। पत्र में साफ लिखा गया है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे परिवार के सदस्य राकेश रानी गुप्ता, सुनील कुमार गुप्ता, विश्वजीत गुप्ता, अर्पित, आयुष सहित अन्य लोगों ने खून से लिखा प्रार्थना पत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई।
हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार की इस दर्दभरी गुहार पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।