आधार नंबर और फिंगरप्रिंट सिस्टम के जरिए निकाले गए ₹38 हजार त्वरित कार्रवाई से वापस, गंजडुंडवारा पुलिस की कार्यशैली की हर ओर सराहना
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद की कोतवाली गंजडुंडवारा के प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम के नेतृत्व में साइबर अपराध के खिलाफ एक और उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई है। एईपीएस (Aadhaar Enabled Payment System) के माध्यम से साइबर ठगों द्वारा उड़ाई गई ₹38 हजार की धनराशि को पुलिस ने अपने त्वरित और समन्वित प्रयासों से पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिया। इस कार्रवाई ने न केवल पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दी, बल्कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की सक्रिय कार्यशैली का भी प्रभावी संदेश दिया।
जानकारी के अनुसार, राजाराम पुत्र लालाराम, निवासी ग्राम नगला नैनसुख, थाना गंजडुंडवारा, साइबर ठगों का शिकार हो गए थे। ठगों ने एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से उनके बैंक खाते से ₹38 हजार निकाल लिए। एईपीएस ऐसी बैंकिंग व्यवस्था है, जिसमें आधार नंबर और बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) के जरिए बैंकिंग लेन-देन किया जाता है। इसी प्रणाली का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी लोगों के खातों से धनराशि निकाल लेते हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई। पुलिस अधीक्षक कासगंज के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी पटियाली के पर्यवेक्षण में थाना पुलिस ने साइबर तंत्र के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया। समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप पूरी ₹38 हजार की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
रुपये वापस मिलने पर राजाराम और उनके परिजनों ने गंजडुंडवारा पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पुलिस तत्परता नहीं दिखाती तो उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलना मुश्किल था। परिवार ने विशेष रूप से प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम की संवेदनशीलता और सक्रिय भूमिका की सराहना की।
आपको बता दे क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम की कार्यशैली को आमजन के प्रति संवेदनशील, त्वरित कार्रवाई और शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए जाना जाता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ साइबर अपराधों पर भी उनकी विशेष निगरानी का परिणाम है कि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ित की पूरी धनराशि वापस कराई जा सकी। इस सफलता ने आम लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत किया है।
इस सराहनीय कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम के साथ कांस्टेबल विजय कुमार, कांस्टेबल विवेक कुमार तथा कांस्टेबल सचिन कुमार चौहान की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।