फर्जी एमबी तैयार कर भुगतान निकालने का आरोप, अधिकारियो ने निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखों का किया मिलान
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
विकास खंड सिढ़पुरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाजितपुर में मनरेगा योजना के तहत कराए गए इंटरलॉकिंग सड़क एवं नाली निर्माण कार्य के भुगतान में कथित अनियमितताओं के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। पटियाली के पूर्व विधायक ममतेश शाक्य की शिकायत पर बुधवार को जांच टीम गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
पूर्व विधायक ने उपमुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत बाजितपुर में ट्रांसफार्मर से सुनील जाटव के खेत तक इंटरलॉकिंग सड़क एवं नाली निर्माण कार्य मनरेगा योजना के तहत कराया गया था। आरोप है कि इस कार्य का भुगतान ग्राम पंचायत स्तर से ₹8,86,701 होना था, लेकिन क्षेत्र पंचायत स्तर से कथित रूप से फर्जी एमबी (मेजरमेंट बुक) तैयार कराकर करीब ₹9.33 लाख का भुगतान गलत तरीके से निकाल लिया गया।
शिकायत में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। पूर्व विधायक ने शिकायत की प्रति जिलाधिकारी कासगंज को भी भेजी है।
शिकायत के बाद बुधवार को जांच टीम ग्राम पंचायत बाजितपुर पहुंची। टीम में जेई एमआई अमर सिंह और एडीओ ग्राम्य विकास हरिओम प्रतिहार शामिल रहे। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की स्थिति देखी और संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान खंड विकास अधिकारी कुलदीप, जेई आरईडी सत्यप्रकाश, ग्राम सचिव नीरज शाक्य, सचिव अजीत यादव, सत्येंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों से कार्य की स्वीकृति, निर्माण प्रक्रिया, भुगतान और अभिलेखों के संबंध में जानकारी ली गई।
टीम ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही भुगतान से जुड़े दस्तावेजों, एमबी (मेजरमेंट बुक) और अन्य रिकॉर्ड का मिलान किया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जांच में यदि वित्तीय अनियमितता, अभिलेखों में गड़बड़ी या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।