जागरण टुडे, मथुरा।
श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में मंगलवार को सिंधी साहित्य और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला। उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के तत्वावधान में स्टेट बैंक चौराहे के निकट स्थित होटल ब्रजवासी रॉयल में आयोजित अखिल भारतीय सिंधी कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। हास्य, व्यंग्य, वीर, श्रृंगार और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत कविताओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का आयोजन सिंधी नवयुवक मंडल ने संयोजक तरूण लखवानी के नेतृत्व में किया। सम्मेलन में भोपाल से आए वरिष्ठ कवि नारी लच्छवाणी ने राष्ट्रीय एकता और सिंधी समाज की पहचान पर आधारित रचनाएं सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। उन्होंने मधुर गीतों की प्रस्तुति से भी श्रोताओं का दिल जीत लिया।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से आए हास्य कवि महेश मूलचंदानी ने अपनी व्यंग्यात्मक और हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। उन्होंने सिंधी समाज की मेहनत, संघर्ष और उद्यमशीलता पर आधारित कविता सुनाकर समाज की विशेषताओं को रेखांकित किया। महाराष्ट्र के कल्याण से आईं कवयित्री प्रिया वच्छानी ने सिंधी समाज के गौरवशाली इतिहास पर आधारित रचना प्रस्तुत की, जबकि इंदौर के युवा कवि नमोश तलरेजा ने सिंधु नदी को समर्पित कविता सुनाकर भावुक वातावरण बना दिया।
भोपाल की कवयित्री हर्षा मूलचंदानी ने मुस्कान और सकारात्मक सोच का संदेश देती रचना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के सूत्रधार किशोर इसरानी ने बचपन की स्मृतियों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित अपनी रचनाओं से सराहना प्राप्त की। प्रयागराज के वरिष्ठ कवि श्रीचंद भागिया ने मां की ममता और मातृत्व के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
राजस्थान के टोंक से आईं युवा कवयित्री योग्यता इसरानी ने प्रेम और भावनाओं पर आधारित कविता सुनाई, जबकि उरई की पूजा रावलानी ने स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देती कविता प्रस्तुत की। आगरा से आए बाल कवि कुनाल चावला ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर माता-पिता और गुरु के सम्मान का संदेश देकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान झूलेलाल एवं स्वामी लीलाशाह जी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। भरतपुर के गायक हेमंत गोपलानी ने प्रार्थना प्रस्तुत की, जबकि ब्रज की कवयित्री चंद्रा खत्री ने प्रभावी मंच संचालन किया। आयोजन के दौरान सभी आमंत्रित कवियों का शॉल, मोतीमाला, स्मृति चिह्न और मथुरा का प्रसाद भेंट कर सम्मान किया गया।
सम्मेलन में सिंधी जनरल पंचायत, लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत सहित विभिन्न सिंधी संगठनों के प्रतिनिधियों और महिला संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के निदेशक अभिषेक कुमार अखिल ने सभी कवियों, आयोजकों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सिंधी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं नई पीढ़ी तक उसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।