सोरों,अंकित पंडित।मानसून के दौरान संभावित जल दुर्घटनाओं और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने शुक्रवार को लहरा घाट पर स्थानीय नाविकों के लिए बोट हैंडलिंग एवं जल आपदा सुरक्षा प्रशिक्षण के साथ सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। 22 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम ने निरीक्षक चमन किशोर गुप्ता के नेतृत्व में नाविकों को सुरक्षित नौका संचालन, जल दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपदा की स्थिति में प्रभावी बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान नाविकों को लाइफ जैकेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग, तेज जलधारा में नौका संचालन, संतुलन बनाए रखने, डूबते व्यक्ति के सुरक्षित रेस्क्यू तथा दुर्घटना के समय प्राथमिक प्रतिक्रिया देने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। एनडीआरएफ टीम ने विभिन्न जल बचाव तकनीकों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य का अनुभव मिल सके।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और नाविकों को बाढ़, नाव दुर्घटनाओं और अन्य जल आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही वर्तमान कांवड़ यात्रा को देखते हुए श्रद्धालुओं से नदियों, घाटों और अन्य जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
निरीक्षक चमन किशोर गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक यात्रा से पहले नाव की तकनीकी स्थिति की जांच करना, निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नौका में न बैठाना तथा सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन एवं एनडीआरएफ को सूचना देने की भी सलाह दी।
उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय समुदाय की आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करने का कार्य करती है। प्रशिक्षित नाविक किसी भी जल दुर्घटना या बाढ़ जैसी आपदा में प्रारंभिक स्तर पर प्रभावी बचाव कर कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में स्थानीय नाविकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए एनडीआरएफ के प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान की सराहना की।