एटा रोड की जर्जर सड़क को लेकर जागरण टुडे की प्रकाशित खबर के बाद शुरू हुई थी मिट्टी से गड्ढे भरने की कवायद, नगर अध्यक्ष ऋषि अग्रवाल बोले-बारिश में बनेगी दलदल, कांवड़ यात्रा होगी प्रभावित; सभासद रवि शाक्य ने दी विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। कांवड़ यात्रा के दौरान एटा रोड की बदहाल सड़क को लेकर जागरण टुडे में प्रमुखता से प्रकाशित समाचार "क्या ऐसे होगा भोले के भक्तों का स्वागत... हर-हर महादेव के जयघोष के बीच गड्ढों से जूझेंगे शिवभक्त" का असर रविवार शाम देखने को मिला। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा द्वारा एटा रोड पर बने गड्ढों में पीली मिट्टी डलवाकर उन्हें भरने का कार्य शुरू कराया गया। हालांकि यह कार्रवाई शुरू होते एवं पुनः खबर प्रकाशित होने पश्चात संज्ञान मे आते ही विवादों में घिर गई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ भाजपा नेताओं ने भी इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
गौरतलब है कि जागरण टुडे ने अपनी खबर में प्रमुखता से उठाया था कि पटियाली के कादरगंज गंगा घाट से हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर एटा रोड से गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर बने गहरे गड्ढे, उखड़ी डामर और जर्जर मार्ग श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बने हुए हैं। खबर में यह सवाल भी उठाया गया था कि नगर पालिका परिषद द्वारा समय-समय पर गड्ढा मुक्ति अभियान के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद सड़क की स्थिति आखिर बार-बार बदहाल क्यों हो जाती है।
समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने गड्ढों में मिट्टी डालकर राहत देने का प्रयास किया, लेकिन इस अस्थायी व्यवस्था का विरोध शुरू हो गया।
भाजपा नगर अध्यक्ष ऋषि अग्रवाल ने संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि "नगर पालिका गंजडुंडवारा द्वारा एटा रोड पर सड़क के गड्ढों में पीली मिट्टी डाली जा रही है। बारिश में यह मिट्टी बहकर फिसलन का कारण बनेगी। इससे पूरे सावन माह में पैदल चल रहे कांवड़ यात्री फिसल सकते हैं और उनकी कांवड़ खंडित हो सकती है, जो विवाद का भी कारण बन सकती है। नगर की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन से मांग है कि उक्त मिट्टी को हटाकर सीमेंट-बजरी से गड्ढे भरे जाएं तथा कांवड़ मार्ग पर प्रतिदिन दो बार झाड़ू लगवाई जाए, ताकि पैदल चल रहे कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जय भोले की।"
वहीं भाजपा मंडल महामंत्री एवं सभासद रवि शाक्य ने भी सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि "नगर पालिका से अनुरोध है कि कल तक इसका समाधान करे। नहीं तो पूरी भाजपा टीम इसका विरोध करेगी और जरूरत पड़ी तो धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।"
उधर स्थानीय निवासी पंकज गुप्ता और रोहिताश ने पहले ही मिट्टी से गड्ढे भरने के तरीके पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यदि बारिश हुई तो यही मिट्टी कीचड़ में बदल जाएगी और सड़क दलदल जैसी हो जाएगी, जिससे कांवड़ियों के साथ-साथ आम नागरिकों और वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अब इस पूरे मामले ने केवल सड़क मरम्मत का मुद्दा नहीं, बल्कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि अस्थायी मिट्टी डालने के बजाय सीमेंट-बजरी अथवा अन्य टिकाऊ सामग्री से गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि हजारों शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।
फिलहाल एटा रोड की मरम्मत को लेकर नगर में चर्चाओं का दौर तेज है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद पर टिकी हैं कि वे इस विरोध के बाद स्थायी समाधान की दिशा में क्या कदम उठाते हैं।