जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटियाली तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से पहले ही राहत एवं बचाव तैयारियों को परखने के लिए रविवार को उपजिलाधिकारी आतिश कुमार सिंह, तहसीलदार राम नयन तथा नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ने गंगा तटवर्ती एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गांवों में पहुंचकर हालात का जायजा लिया और संबंधित विभागों को हर स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने हिम्मतनगर, बझेरा, पन्सोती, रिकैरा, गठौरा, कादरगंज, मूंजखेड़ा, नगला जय किशन एवं नगला हंसी सहित कई बाढ़ प्रभावित होने वाले गांवों का दौरा किया। इस दौरान गंगा के जलस्तर, निचले इलाकों की स्थिति, संपर्क मार्गों, तटवर्ती क्षेत्रों तथा संभावित जोखिम वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
उपजिलाधिकारी आतिश कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखें। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा जाए, संवेदनशील गांवों में नियमित भ्रमण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी संवाद किया और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में नदी के किनारे अनावश्यक आवाजाही न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि कहीं कटान, जलभराव अथवा अन्य कोई समस्या दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें।
एसडीएम ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि राहत सामग्री, नावों, चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल, पशुचारे तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू किए जा सकें। साथ ही राजस्व विभाग की टीमों को गांव-गांव जाकर स्थिति का नियमित आकलन करने और संवेदनशील क्षेत्रों की रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम आतिश कुमार सिंह का कहना है कि गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार की जन-धन हानि को रोका जा सके।