कासगंज, अंकित पंडित। मानसून और संभावित आपदाओं के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद की टीम ने सोमवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, कासगंज में स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम (एसएसपी) का आयोजन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आपदा प्रबंधन, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), प्राथमिक उपचार तथा विभिन्न जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
बटालियन कमांडेंट सुदेश कुमार के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित कार्यक्रम का संचालन टीम कमांडर निरीक्षक चमन किशोर गुप्ता के नेतृत्व में एनडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम ने किया। प्रशिक्षण के दौरान भूकंप, अग्निकांड, बाढ़, आकाशीय बिजली, भवन ध्वस्त होने सहित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव के उपाय विस्तार से बताए गए। टीम ने समझाया कि आपदा के समय घबराने के बजाय संयम, सतर्कता और सही निर्णय ही जनहानि को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
विद्यालय परिसर में आयोजित व्यावहारिक सत्र में विद्यार्थियों को भूकंप के दौरान सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन), असेंबली एरिया तक पहुंचने की प्रक्रिया तथा आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने के तरीके प्रदर्शित किए गए। साथ ही प्राथमिक उपचार और घायल व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान एनडीआरएफ टीम ने हृदय गति रुकने अथवा व्यक्ति के अचेत होने की स्थिति में सीपीआर देने की विधि का प्रदर्शन किया और विद्यार्थियों व शिक्षकों से उसका अभ्यास भी कराया। इसके अलावा लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, स्ट्रेचर, रेस्क्यू रोप सहित अन्य बचाव उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई।
मानसून को देखते हुए विद्यार्थियों को जलजनित दुर्घटनाओं से बचाव, तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बरती जाने वाली सावधानियों तथा आकाशीय बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका एनडीआरएफ टीम ने सरल एवं व्यावहारिक ढंग से जवाब दिया।
विद्यालय के उपप्रधानाचार्य निलेश कुमार ने एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम के समापन पर टीम कमांडर निरीक्षक चमन किशोर गुप्ता ने कहा कि एनडीआरएफ का उद्देश्य केवल आपदा आने पर राहत एवं बचाव कार्य करना ही नहीं, बल्कि समाज को पहले से जागरूक एवं प्रशिक्षित कर आपदा जोखिम को कम करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में मिली जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग आपदा के प्रति जागरूक और सुरक्षित बन सकें।