पार्क में खेलने निकले थे तीनों दोस्त, परिवार को बिना बताए ट्रेन से पहुंच गए मथुरा-वृंदावन; पुलिस ने दो टीमें बनाकर चलाया सघन सर्च अभियान
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
ऑपरेशन मुस्कान के तहत कासगंज पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए महज 12 घंटे के भीतर तीन लापता किशोरों को मथुरा से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत यह सफलता कोतवाली कासगंज पुलिस को मिली।
कोतवाली प्रभारी जगदीश चन्द्र के अनुसार, 3 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे सूचना मिली कि आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-3 स्थित कर्पूरी ठाकुर पार्क के आसपास रहने वाले तीन नाबालिग बच्चे—अर्णव उर्फ यश (13 वर्ष), लव कुश (13 वर्ष) और अनी उर्फ लक्की (15 वर्ष)—शाम करीब सात बजे पार्क में खेलने के बाद अपनी साइकिल घर खड़ी कर बिना बताए कहीं चले गए हैं। तीनों आपस में पड़ोसी और मित्र हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने सोशल मीडिया, स्थानीय मीडिया, चाइल्ड हेल्पलाइन और विभिन्न सामाजिक संगठनों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू कर दी। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में तीनों बच्चे कासगंज-बरेली मार्ग की ओर जाते दिखाई दिए, लेकिन आगे उनकी कोई जानकारी नहीं मिली।
इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, चामुंडा मंदिर और शहर के प्रमुख स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। साथ ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो विशेष टीमों का गठन किया। एक टीम को बदायूं-बरेली की ओर रवाना किया गया, जबकि दूसरी टीम मथुरा भेजी गई।
द्वारकाधीश मंदिर से मिले तीनों किशोर
मथुरा पहुंची पुलिस टीम ने 4 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे तीनों बच्चों को द्वारकाधीश मंदिर से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे पहले भी अपने परिवार के साथ मथुरा-वृंदावन घूमने जा चुके थे। इस बार उन्होंने आपस में घूमने की योजना बनाई थी।
बच्चों ने बताया कि पहले दो दोस्त स्विमिंग पूल गए, उसके बाद रात 8:03 बजे ट्रेन से मथुरा जाने निकले, लेकिन गलती से आगरा पहुंच गए। वहां से रोडवेज बस के जरिए मथुरा पहुंचे और वृंदावन में प्रेम मंदिर गए, जो बंद मिला। इसके बाद मथुरा जंक्शन पर रात बिताई, सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन किए और फिर द्वारकाधीश मंदिर पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें खोज लिया।
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि तीनों बच्चे अपनी स्वेच्छा से बिना परिजनों को बताए घूमने निकले थे और उनके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
परिजनों ने जताया पुलिस का आभार
तीनों बच्चों को सकुशल कोतवाली कासगंज लाकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और 12 घंटे के भीतर बच्चों को खोज निकालने की कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
तीनों किशोरों की सकुशल बरामदगी में प्रभारी निरीक्षक जगदीश चन्द्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक रवि वर्मा, हेड कांस्टेबल दिनेश सिंह, कांस्टेबल दीपक खोखर, कांस्टेबल शैलेन्द्र चौधरी, कांस्टेबल घनेन्द्र कुमार प्रेमी, महिला हेड कांस्टेबल मंजू चौधरी तथा महिला हेड कांस्टेबल ममता चौधरी शामिल रहीं। पुलिस टीम ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए मथुरा पहुंचकर तीनों बच्चों को द्वारकाधीश मंदिर से सकुशल बरामद किया और सुरक्षित कासगंज लाकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया।