जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कहते हैं कि इंसानियत कभी मरती नहीं, बस उसे जागने का एक मौका चाहिए। मंगलवार तड़के पटियाली कस्बे के मोहल्ला जोशियान में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जिसने यह विश्वास फिर मजबूत कर दिया कि दुनिया में संवेदनाएं आज भी जिंदा हैं। सड़क किनारे नाली में पड़ी एक नवजात बच्ची को देखकर पूरा मोहल्ला उसकी जिंदगी बचाने और उसे अपनाने के लिए एकजुट हो गया।
पटियाली कस्बे के मोहल्ला जोशियान मे मंगलवार सुबह करीब पांच बजे राहगीरों ने नाली से हल्की-हल्की कुनकुनाहट की आवाज सुनी। पहले उन्हें लगा कि कोई जानवर का बच्चा होगा, लेकिन जब पास जाकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। नाली में एक नवजात बच्ची खून से लथपथ पड़ी थी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल गमगीन हो गया।
इसी बीच मोहल्ले की शशि, पत्नी विष्णु की ममता जाग उठी। उन्होंने बिना देर किए नाली में उतरकर बच्ची को अपनी गोद में उठा लिया और सीने से चिपका लिया। इसके बाद वह तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गईं। चिकित्सकों ने नवजात का परीक्षण किया और उसे पूरी तरह सुरक्षित व स्वस्थ बताया। शशि ने बच्ची को नहलाया, साफ कपड़े पहनाए और मां की तरह उसकी देखभाल की। उनके इस मानवीय कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
घटना की सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली प्रभारी अजयवीर सिंह ने बताया कि नवजात बच्ची सुरक्षित है और उसे चाइल्ड लाइन की टीम के संरक्षण में सौंप दिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर वह कौन निर्दयी है जिसने इस मासूम को नाली में मरने के लिए छोड़ दिया।
यह घटना एक ओर समाज के संवेदनहीन चेहरे को उजागर करती है, तो दूसरी ओर शशि जैसी महिलाओं की ममता यह भरोसा भी दिलाती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है। जिस मासूम को किसी ने ठुकरा दिया, उसे एक अनजान महिला ने अपने सीने से लगाकर दुनिया को मानवता का सबसे सुंदर संदेश दे दिया।