जागरण टुडे, मथुरा।
विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग और रोटरी क्लब मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को आईएमए सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) पिलाने की अपील की। बताया गया कि छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए, क्योंकि यही उसके लिए संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार है।
कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रोहिताश सिंह, रोटरी 3110 के पीडीजी नीरव निमेश, ईडीएस रोटरी आशुतोष कुमार तथा आईएमए अध्यक्ष डॉ. बी.एस. गोयल ने की। कार्यशाला में इस वर्ष की थीम "जीवन की स्थायी शुरुआत के लिए स्तनपान : जो कारगर है उसे मजबूत करें" पर विस्तार से चर्चा की गई।
फोगसी सदस्य डॉ. वर्तिका किशोर ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए संपूर्ण पोषण का सबसे सुरक्षित स्रोत है। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और डायरिया, निमोनिया समेत कई संक्रमणों का खतरा कम होता है। उन्होंने कहा कि स्तनपान बच्चे के स्वस्थ शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रोहिताश सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाकर गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के साथ ही माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण और डायरिया से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. दीपशिखा ने कहा कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को मां का पहला पीला गाढ़ा दूध यानी कोलोस्ट्रम अवश्य पिलाना चाहिए। यह प्राकृतिक टीके की तरह कार्य करता है और बच्चे की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि छह महीने तक केवल मां का दूध ही शिशु का संपूर्ण आहार होना चाहिए।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। इस दौरान डॉ. नीरजा गोयल, डॉ. शेफाली, डॉ. शुभदा, डॉ. वर्षा तिवारी, डॉ. पवन अग्रवाल, जिला मातृ स्वास्थ्य सलाहकार मुकेश गौतम, जिला नगरीय स्वास्थ्य समन्वयक फौजिया खानम, पीएसआई इंडिया के अजय कुमार, चोब सिंह, बीसीपीएम, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।