मन्नत पूरी होने पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लेट-लेटकर तय कर रहे हैं कठिन यात्रा, सिढ़पुरा में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर किया भव्य स्वागत
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
सिढ़पुरा। सच्ची श्रद्धा जब संकल्प का रूप ले लेती है, तो कठिन से कठिन राह भी साधना बन जाती है। ऐसा ही अद्भुत दृश्य गुरुवार को सिढ़पुरा नगर में देखने को मिला, जब सुभाष नगर, ताजपुर रोड निवासी गोपाल शर्मा हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर दंड कांवड़ के माध्यम से भगवान शिव के दरबार की ओर बढ़ते हुए नगर पहुंचे। उनकी कठिन तपस्या और अटूट आस्था को देखकर हर कोई भावविभोर हो उठा।
गोपाल शर्मा ने बताया कि उनकी एक मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने भगवान भोलेनाथ से किया अपना संकल्प निभाने का निर्णय लिया। उसी संकल्प के तहत वह पिछले 11 दिनों से हरिद्वार से लेट-लेटकर दंड कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उनका लक्ष्य एटा जनपद के परसोंन स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक करना है।
जैसे ही गोपाल शर्मा की दंड कांवड़ यात्रा सिढ़पुरा नगर के शिवकाली मंदिर, धुमरी रोड से होकर गुजरी, वातावरण "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से गूंज उठा। नगरवासियों ने फूल-मालाएं पहनाकर, पुष्पवर्षा कर और जयकारों के बीच उनका भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने उनकी तपस्या को प्रणाम करते हुए भगवान शिव से उनकी मनोकामनाओं की पूर्णता एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
दंड कांवड़ यात्रा को शिवभक्ति की सबसे कठिन साधनाओं में से एक माना जाता है। इसमें श्रद्धालु प्रत्येक दंड के साथ स्वयं को भगवान शिव के चरणों में समर्पित करते हुए आगे बढ़ते हैं। गोपाल शर्मा की यह कठिन साधना न केवल उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सच्चे विश्वास, धैर्य और समर्पण के आगे हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है।
नगर में उनकी इस तपस्या ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और विश्वास का नया उत्साह भर दिया। हर किसी की जुबान पर बस एक ही स्वर था—"भोले बाबा अपने हर भक्त की पुकार अवश्य सुनते हैं।"