जागरण टुडे, मथुरा।
स्वतंत्रता दिवस, हरियाली तीज और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को त्योहारों के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को सभी प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने और आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने, डेंजर लेवल पर लाल झंडी और मार्किंग कराने तथा नाव संचालकों के साथ बैठक कर सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा। नगर निगम, पुलिस और संबंधित उप जिलाधिकारियों को भी समन्वय बनाकर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को पर्वों के दौरान अस्पतालों की मैपिंग, चिकित्सकों की उपलब्धता, निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने, स्वास्थ्य शिविर लगाने और नियमित दूरी पर एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए। घाटों के पास भी स्वास्थ्य शिविर स्थापित करने को कहा गया।
विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, खुले विद्युत बॉक्स बंद कराने, ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग, खंभों की प्लास्टिक रैपिंग और लटके बिजली के तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और ब्रज तीर्थ विकास परिषद को प्रमुख मार्गों, चौराहों, मंदिरों और पार्कों की आकर्षक सजावट, लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने यातायात पुलिस को पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन करने और डायवर्जन प्लान का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बैरिकेडिंग, पीस कमेटी की बैठकें आयोजित करने और मंदिर प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, जूता-घर और दिशा संकेतक लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में संरक्षित कराने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर त्योहारों को सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य बनाने को कहा गया।