तालाब से निकलकर आधी रात आबादी में घुसा था मगरमच्छ, दफन किए गए मगरमच्छ को वन विभाग ने निकलवाकर कराया पोस्टमार्टम
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहनपुरा में छह अगस्त की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई थी, जब तालाब से निकलकर एक मगरमच्छ आबादी के बीच पहुंच गया। मगरमच्छ को घरों के आसपास देखकर ग्रामीणों में खलबली मच गई। इसी दौरान उसने घर के बाहर बंधे एक मवेशी पर हमला कर दिया था। मवेशी को बचाने पहुंचे ग्रामीणों ने डंडों के सहारे मगरमच्छ को खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ ने पलटकर हमला कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
अपनी सुरक्षा के लिए ग्रामीणों ने मगरमच्छ पर डंडों से हमला कर दिया था। हमले में मगरमच्छ की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने मगरमच्छ के शव को माता मंदिर के पास दफना दिया था। घटना की जानकारी वन विभाग को हुई तो टीम मोहनपुरा पहुंची और जमीन खोदकर मगरमच्छ के शव को बाहर निकलवाया।
वन विभाग ने मृत मगरमच्छ का पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया। वहीं, वन रक्षक आकाश कुमार की ओर से सदर कोतवाली में तहरीर देकर मगरमच्छ को मारने के मामले में 13 ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
दो महिलाओं समेत 13 के खिलाफ FIR
वन विभाग की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मोहनपुरा निवासी अमन, अमित, तालेवर, राजेश, मोहित, अवनीश, हाकिम, सतेन्द्र, बच्चू, कुंवरपाल, पंकज, नीरज देवी और मीनू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले में अमन को गिरफ्तार कर लिया है।
बचने की कोशिश अब बनी मुकदमे की वजह
घटना ने ग्रामीणों के सामने एक अजीब स्थिति खड़ी कर दी। रात के अंधेरे में तालाब से निकलकर मगरमच्छ आबादी में पहुंचा और मवेशी पर हमला कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय उन्हें अपनी सुरक्षा और मवेशी को बचाने की चिंता थी। मगरमच्छ को भगाने के प्रयास के दौरान जब उसने पलटकर हमला किया तो ग्रामीणों ने डंडों से उस पर हमला कर दिया।
अब वन विभाग की कार्रवाई के बाद घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस मगरमच्छ से बचने के लिए ग्रामीण आधी रात डंडे लेकर सामने आए थे, उसी की मौत के मामले में 13 ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज होने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
पुलिस ने बताया कि वन रक्षक की तहरीर के आधार पर 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में एक आरोपी अमन को गिरफ्तार किया गया है।