जागरण टुडे, मथुरा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर सोमवार को स्वामी घाट स्थित सयमन तीर्थ स्थल पर यमुना पूजन के बाद बैठक हुई। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल और श्री भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुई बैठक में संत समाज के साथ विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति और 14 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों पर चर्चा की गई।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है। आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए समाज को एकजुट कर स्पष्ट मांगों के साथ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कारसेवा के नाम पर केवल घोषणाएं करने के बजाय सरकार से आवश्यक कानून बनाने की मांग मजबूती से उठाई जानी चाहिए।
भगवान श्री परशुराम शोभायात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित राम गोपाल शर्मा ने कहा कि किसी आंदोलन की सफलता केवल भीड़ जुटाने से नहीं होती। इसके लिए स्पष्ट उद्देश्य, ठोस मांग और निरंतर जनजागरण जरूरी है। उन्होंने धार्मिक स्थलों के संरक्षण और उनसे जुड़े मामलों के समाधान के लिए वैधानिक व्यवस्था की मांग उठाने पर जोर दिया।
अखिल भारत हिंदू महासभा के उत्तर प्रदेश संत सभा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संजय हरियाणा ने कहा कि सनातन धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए संत समाज और धार्मिक संगठनों को एकजुट होकर प्रभावी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने आंदोलन को भावनात्मक आह्वान तक सीमित रखने के बजाय वैधानिक प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ाने की बात कही।
बैठक में श्रीकृष्ण जन्मभूमि सहित धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों के समाधान के लिए आवश्यक कानून बनाने, वक्फ अधिनियम समाप्त करने, गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कर गौ संरक्षण कानून बनाने, मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने और सनातन बोर्ड के गठन की मांग रखी गई। इसके अलावा पूजास्थल संबंधी कानून में पुनर्विचार, आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार तथा एससी-एसटी कानूनों के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी उठी।
श्री वामन भगवान महोत्सव समिति के महामंत्री अर्जुन पंडित ने बताया कि सर्वजन सनातन पार्टी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल की ओर से 14 सितंबर 2026 को जंतर-मंतर पर आंदोलन प्रस्तावित है। बैठक में संपर्क अभियान और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान अखिलेश शुक्ला, श्याम बिहार दिनकर, राजेश मणि त्रिपाठी, अजय शर्मा लाला, लब्बू पंडित, श्याम शर्मा, केके शर्मा, ललित स्वामी, कुलदीप शर्मा और आचार्य पंत शर्मा आदि मौजूद रहे।