Friday, September 11, 2026

Kasganj:जाली नोटों के खेल में पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत, दस राज्यों तक फैले नेटवर्क की हो रही जांच

लेखक: udit kumar | Category: उत्तर प्रदेश | Published: August 11, 2026

Kasganj:जाली नोटों के खेल में पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत, दस राज्यों तक फैले नेटवर्क की हो रही जांच

गणेशपुर निवासी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस की जांच तेज, मोबाइल चैट और संपर्कों से खुलेगा सप्लाई नेटवर्क का राज; यूएपीए की धाराएं लगाने की तैयारी

जागरण टुडे, कासगंज

जनपद के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव निवासी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जाली नोटों के बड़े नेटवर्क के संकेत मिलने से जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। एटीएस ने लखनऊ में कार्रवाई करते हुए शनिवार को अजीम खान और राजा उर्फ समीरुल को गिरफ्तार किया था। दोनों के कब्जे से करीब एक लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए गए थे। बरामद नोटों में हाई सिक्योरिटी फीचर होने की बात सामने आने के बाद एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेशी कनेक्शन समेत कई पहलुओं की जांच कर रही हैं।

हाई सिक्योरिटी फीचर ने बढ़ाया शक

बरामद जाली नोटों की गुणवत्ता और उनमें मौजूद बताए जा रहे हाई सिक्योरिटी फीचर ने जांच एजेंसियों का ध्यान बड़े नेटवर्क की ओर खींचा है। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी उच्च गुणवत्ता के जाली नोट कहां तैयार किए गए और उन्हें भारत तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। जांच में पाकिस्तान से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।

एजेंसी अब नोटों के स्रोत, सप्लाई चेन और आरोपियों के संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है। जांच में पर्याप्त साक्ष्य सामने आने और उनकी तस्दीक के बाद आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

दस से अधिक राज्यों तक नेटवर्क के तार

जांच में गिरोह के तार उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत करीब दस राज्यों तक जुड़े होने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक नेटवर्क पिछले दो से तीन वर्षों से सक्रिय हो सकता है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि अलग-अलग राज्यों में इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की क्या भूमिका रही है और जाली नोटों की सप्लाई किन माध्यमों से की जाती थी।

नेपाल के रास्ते भारत में खेप पहुंचाने की जांच

जांच में नेपाल के रास्ते जाली करेंसी भारत में लाने की आशंका भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक गिरोह से जुड़े लोगों ने नेपाल सीमा के रास्ते जाली नोटों की खेप भारत में पहुंचाई हो सकती है। हालांकि इस कड़ी की भी जांच की जा रही है और एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसकी तस्दीक करने में जुटी है।

राजा का बड़ा भाई भी जांच के घेरे में

जांच एजेंसी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राजा उर्फ समीरुल का बड़ा भाई भी इस नेटवर्क की अहम कड़ी हो सकता है। उसे मामले में आरोपी बनाए जाने की बात सामने आई है और एजेंसी उसकी तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी होने पर नेटवर्क की गतिविधियों और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

मोबाइल और व्हाट्सएप चैट से खुलेंगे राज

एटीएस ने गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। ।जिससे मोबाइल में मौजूद व्हाट्सएप चैट जांच की अहम कड़ी साबित हो सकती है। चैट में कथित तौर पर जाली नोटों की सप्लाई कहां, कब और किसके माध्यम से की जानी थी, इससे संबंधित जानकारी होने की बात सामने आई है।

पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा गिरोह से जुड़े आठ से दस लोगों के नाम बताए जाने की भी जानकारी सामने आई है। अब एजेंसी इन नामों की तस्दीक कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी।

रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार जेल भेजे गए दोनों आरोपियों को एटीएस जल्द रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। रिमांड के दौरान जाली नोटों के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क, आरोपियों के संपर्कों और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।

वही मामले में आतंकवाद विरोधी कानून की धाराएं लगाए जाने के बाद जांच आगे किसी केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपे जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल एटीएस साक्ष्यों, मोबाइल चैट और आरोपियों के संपर्कों की कड़ियां जोड़कर जाली नोटों के इस कथित नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है।

No ads available.

Get In Touch

BDA COLONY HARUNAGLA, BISALPUR ROAD BAREILLY

+91 7017029201

sanjaysrivastav1972@gmail.com

Follow Us

© 2026 Jagran Today. All Rights Reserved.