पांच ओवरलोड ट्रक-ट्रैक्टर ट्रॉलियां पकड़ीं; 2.20 लाख रुपये का जुर्माना आरोपित
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और वाहन चालकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत बुधवार को एआरटीओ राम प्रकाश मिश्रा ने बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की। अभियान के तहत वाहनों की जांच कर ओवरलोडिंग, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अन्य सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने कुल 41 वाहनों के चालान किए और सात वाहनों को निरुद्ध किया। कार्रवाई में करीब 2.20 लाख रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। इनमें पांच ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी बंद किया गया। इसके अलावा सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न अभियोगों में 36 चालान किए गए।
30 से अधिक बच्चों को बैठाकर दौड़ रही थी स्कूल वैन
बुधवार की कार्रवाई में परिवहन विभाग की टीम को एक स्कूल वैन में 30 से अधिक बच्चे बैठे मिले। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को एक ही वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा था। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एआरटीओ ने वैन को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से स्कूली वाहनों के संचालकों में खलबली मच गई।
एआरटीओ राम प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्कूली वाहनों में बच्चों की संख्या निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही होनी चाहिए। मानकों की अनदेखी कर बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ओवरलोड वाहनों पर भी कसा शिकंजा
अभियान के दौरान पांच ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी पकड़ा गया। निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले इन वाहनों को निरुद्ध कर दिया गया। परिवहन विभाग का कहना है कि ओवरलोड वाहन न केवल सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं, बल्कि सड़क और पुल-पुलियों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
एआरटीओ राम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संचालकों को किसी भी स्थिति में राहत नहीं दी जाएगी। खासकर स्कूली वाहनों और ओवरलोड वाहनों पर विभाग की निगरानी लगातार जारी रहेगी।
क्या है ‘मिशन सेफ फ्यूचर’
‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके तहत परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें सड़कों पर वाहनों की जांच करती हैं। विशेष रूप से ओवरलोडिंग, तेज गति, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, बिना वैध दस्तावेजों के संचालन, फिटनेस में कमी, प्रदूषण संबंधी मानकों का उल्लंघन और स्कूली वाहनों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी जैसे मामलों पर निगरानी रखी जाती है।
अभियान में स्कूली वाहनों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों में निर्धारित क्षमता, फिटनेस और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही मालवाहक वाहनों में क्षमता से अधिक भार लादने वाले संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।