शाकिर चलती ट्रेनों में यात्रियों का सामान उड़ाने का था आरोपी, गिरफ्तारी से बचने को बदलता रहा ठिकाने; लोनी, दिल्ली से लेकर हाथरस तक छिपता रहा, पांच मुकदमे है दर्ज
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
चलती ट्रेनों में यात्रियों का सामान चोरी करने के मामले में वर्ष 2013 से फरार चल रहे शातिर वारंटी को जीआरपी कासगंज पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। करीब 13 साल तक गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी कभी लोनी-गाजियाबाद, कभी दिल्ली तो कभी हाथरस में ठिकाने बदलकर छिपता रहा। सर्विलांस, यक्ष एप और स्थानीय स्तर पर की गई पतारसी-सुरागरसी के बाद पुलिस टीम ने हाथरस में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, शासन के निर्देश पर स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चलती ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अपराध की रोकथाम तथा वांछित, वारंटी और इनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जीआरपी कासगंज पुलिस को वर्ष 2013 से न्यायालय में अनुपस्थित चल रहे शाकिर खां पुत्र अनवर निवासी नाई का नगला, बस स्टैंड के पीछे, मिल/गलीचा फैक्ट्री के पास, थाना कोतवाली हाथरस की तलाश थी।
न्यायालय की ओर से आरोपी के खिलाफ कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। गैर-जमानती वारंट के साथ धारा 82 की उद्घोषणा और कुर्की के आदेश तक जारी हो चुके थे, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। जीआरपी पुलिस ने टीम गठित कर सर्विलांस और यक्ष एप के जरिए सुराग जुटाए। इसके साथ ही संभावित ठिकानों पर स्थानीय लोगों से जानकारी लेकर उसकी तलाश तेज की गई।
आखिरकार 20 अगस्त की सुबह करीब नौ बजे पुलिस टीम ने नाई का नगला बस स्टैंड के पीछे मिल/गलीचा फैक्ट्री के पास दबिश देकर शाकिर खां को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है और चलती ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। उसके खिलाफ जीआरपी के विभिन्न थानों में चोरी, मादक पदार्थ और अवैध हथियार से जुड़े कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार शाकिर के खिलाफ जीआरपी कासगंज और जीआरपी फर्रुखाबाद में चोरी, बरामदगी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे आरोपी की गिरफ्तारी को जीआरपी की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष जीआरपी कासगंज कोमल कुन्तल, उपनिरीक्षक मो. नाजिर, कांस्टेबल विवेक कुमार और कांस्टेबल विशाल कुमार शामिल रहे।