पटियाली, राहुल गुप्ता। रक्षाबंधन पर जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्यार और विश्वास का धागा बांधने की तैयारी कर रही हैं, वहीं कम्पोजिट विद्यालय नगला गनेश की छात्राओं ने उन भाइयों को याद किया, जो अपनों से दूर देश की सरहदों की हिफाजत में डटे हैं। छात्राओं ने अपने हाथों से राखियां तैयार कीं और उन्हें डाक के जरिए सीमा पर तैनात वीर जवानों के लिए भेजा।
रंग-बिरंगे धागों से सजी इन राखियों के साथ छात्राओं ने जवानों के नाम भावुक संदेश और पत्र भी लिखे। उन्होंने लिखा कि जब देशवासी अपने परिवारों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं, उस समय सैनिक देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर मुस्तैद रहते हैं। ऐसे वीर जवानों के लिए बनाई गई राखी उनके हाथों तक पहुंचे, यही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
छात्राओं ने जवानों को अपना भाई बताते हुए लिखा कि उनके साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही देशवासी अपने घरों में सुरक्षित होकर त्योहार मना पाते हैं। छात्राओं के मुताबिक राखी भले ही छोटी-सी भेंट है, लेकिन उसमें उनके दिल का स्नेह, सम्मान और देश के प्रति प्रेम समाया है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अंकित द्विवेदी ने कहा कि बच्चों में देशप्रेम और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना पैदा करना शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। छात्राओं की यह पहल न केवल भावनात्मक है, बल्कि दूसरी बेटियों के लिए भी प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर शिक्षक धर्मेंद्र वर्मा, मृत्युंजय कुमार, हर्षवर्धन सिंह तथा शिक्षिकाएं संतोष यादव और कंचन यादव ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाया। राखियां भेजते समय छात्राओं ने ‘वीर जवानों को नमन’ और ‘देश की रक्षा करने वाले भाइयों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं’ जैसे संदेश लिखे।
इन नन्हीं बहनों के हाथों से निकला राखी का हर धागा यही संदेश दे रहा था कि सरहद चाहे कितनी भी दूर हो, देश की बेटियों का स्नेह वहां तैनात जवानों तक जरूर पहुंचता है।