जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की पटियाली तहसील इकाई ने अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्षदीप के विरुद्ध हुई एंटी करप्शन कार्रवाई के विरोध में एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने थाना समाधान दिवस का भी बहिष्कार किया और मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी आतिश कुमार सिंह के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने समेत कई मांगें उठाईं।
संघ के तहसील अध्यक्ष प्रमोद कुमार पाराशर और तहसील मंत्री विवेक कुमार की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल राजस्व विभाग का जनता से सीधे जुड़ा अग्रिम पंक्ति का कर्मचारी है। भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण और अन्य राजस्व कार्यों के दौरान कई बार लोगों से विवाद की स्थिति बनती है। संगठन का आरोप है कि निजी रंजिश अथवा दुर्भावना के चलते कुछ लोग झूठी शिकायत कर लेखपालों को फंसाने का प्रयास करते हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन, एंटी करप्शन और विजिलेंस की ओर से ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, शिकायत के उद्देश्य, संभावित रंजिश और संबंधित कार्य में लेखपाल की वास्तविक भूमिका की पर्याप्त जांच की जानी चाहिए। संगठन ने कहा कि बिना पर्याप्त परीक्षण के होने वाली कार्रवाई से लेखपालों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है।
लेखपाल संघ ने 20 अगस्त 2026 को अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्षदीप के साथ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। संघ ने कहा कि प्रकरण से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, शिकायत और प्री-ट्रैप प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। यदि किसी प्रकार की साजिश सामने आती है तो संबंधित लेखपाल को न्याय दिलाया जाए।
संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि भविष्य में किसी लेखपाल के विरुद्ध ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि और रंजिश की जांच अनिवार्य की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिस कार्य के लिए शिकायत की गई है, वह वास्तव में संबंधित लेखपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं। संघ ने ट्रैप कार्रवाई के लिए स्पष्ट और कड़े मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने की भी मांग की।
लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता और यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगने या लेने का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष कर्मचारी को झूठी शिकायत, षड्यंत्र या दुर्भावनापूर्ण ट्रैप के जरिए फंसाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान नरेंद्र पाल वर्मा, अंकुर शाक्य, शुभम अग्रवाल, अनुज तोमर, आशीष चौहान, आशीष कुमार, गिरींद्र कुमार, सुधांशु पचौरी, राकेश राजपूत, ऋषि कुमार, सत्येंद्र सिंह, वीरेश बाबू, सुनील सिंह, अनुज कुमार, बृज बिहारी लाल, विनोद खरवार सहित अन्य लेखपाल साथी उपस्थित रहे।