पामोलीन ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, खोवा और संदिग्ध रसायन मिलने का दावा; खाद्य सुरक्षा टीम ने लिए 11 नमूने
कासगंज। शहर में मिलावटी पनीर तैयार कर बिक्री किए जाने के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद डेयरी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सैलई रोड स्थित ओम साक्षी डेयरी पर छापेमारी कर करीब 390 किलोग्राम पनीर बरामद किया। पनीर निर्माण में रिफाइंड पामोलीन ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, खोवा, मिश्रित दूध और अन्य संदिग्ध पदार्थों के इस्तेमाल की बात सामने आने पर विभाग ने बिक्री के लिए रखा पूरा पनीर जनहित में नष्ट करा दिया। मामले में डेयरी संचालक उमाशंकर के खिलाफ कोतवाली कासगंज में बीएनएस की सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज कराया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओमबीर सिंह की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोहल्ला जय जय राम वाली कॉलोनी निवासी उमाशंकर पुत्र अनोखेलाल सैलई रोड स्थित अपनी ओम साक्षी डेयरी में मिलावटी पनीर का निर्माण कर बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर सोमवार को करीब 11 बजे खाद्य सुरक्षा विभाग की सचल टीम ने प्रतिष्ठान पर औचक छापेमारी की। मौके पर उमाशंकर मौजूद मिले और उन्होंने खुद को प्रतिष्ठान का जिम्मेदार व्यक्ति बताया।
दो ड्रम और रेफ्रिजरेटर में मिला पनीर
तहरीर के अनुसार टीम ने डेयरी के एक कमरे में दो ड्रम और एक रेफ्रिजरेटर की जांच की तो इनमें क्रमश: 70 किलोग्राम, 120 किलोग्राम और करीब 200 किलोग्राम पनीर बिक्री के लिए रखा मिला। इस तरह मौके पर लगभग 390 किलोग्राम पनीर मिला। खाद्य विभाग ने इसे अपमिश्रित एवं मिलावटी होने के संदेह में जनहित में नष्ट करा दिया।
गोदाम में मिला पामोलीन ऑयल और कई संदिग्ध सामग्री
छापेमारी के दौरान परिसर के बड़े गोदाम में टीम को रिफाइंड पामोलीन ऑयल के खाली टिन, एक टिन में करीब एक किलोग्राम पामोलीन ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, करीब 70 किलोग्राम खोवा, लगभग 20 लीटर मिश्रित दूध और करीब 15 किलोग्राम घी मिला।
इसके अलावा करीब दो किलोग्राम सैफोलाइट, सफेद रंग का अज्ञात रसायन तथा डाबर गुलाबरी प्रीमियम रोज वाटर की बोतलें भी मिलीं। खाद्य सुरक्षा विभाग की तहरीर में इन पदार्थों का इस्तेमाल पनीर निर्माण में किए जाने का आरोप लगाया गया है। विभाग ने आशंका जताई है कि इन पदार्थों का इस्तेमाल कर पनीर तैयार कर अनुचित आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था।
आठ विधिक और तीन सर्वे नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच के लिए पनीर के तीन नमूने, घी, स्किम्ड मिल्क पाउडर, मिश्रित दूध, खोवा और सैफोलाइट के एक-एक नमूने लिए। इस प्रकार कुल आठ विधिक नमूने लिए गए। वहीं मात्रा कम होने के कारण रिफाइंड पामोलीन ऑयल, डाबर गुलाबरी रोज वाटर और सफेद रंग के अज्ञात रसायन के तीन सर्वे नमूने भी लिए गए।
नमूना लेने के बाद बची संदिग्ध सामग्री को विभाग ने अभिग्रहित कर खाद्य कारोबारी की अभिरक्षा में सौंप दिया। वहीं बिक्री के लिए रखा करीब 390 किलोग्राम पनीर खाद्य कारोबारी की सहमति से मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मानकों का कितना उल्लंघन हुआ था। रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
डेयरी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओमबीर सिंह ने डेयरी संचालक उमाशंकर पुत्र अनोखेलाल निवासी जय जय राम वाली कॉलोनी, कासगंज के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली कासगंज में तहरीर दी। पुलिस ने मामले में अभियोग दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
छापेमारी करने वाली टीम में एसीएफ अलीगढ़ मंडल अजय कुमार जायसवाल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुलदीप सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतिमा त्रिपाठी, सुरेंद्र कुमार गोंड, डॉ. विकास कुमार और प्रियेश कुमार सिंह शामिल रहे।
फिलहाल पूरे मामले में प्रयोगशाला रिपोर्ट अहम होगी। विभाग की कार्रवाई और मौके से बरामद सामग्री ने शहर में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट से यह साफ होगा कि बरामद पनीर में वास्तविक रूप से कौन-कौन से अपमिश्रक पाए गए और खाद्य सुरक्षा मानकों का कितना उल्लंघन हुआ।