खिदमत-ए-इस्लामी ने जारी किया संदेश,जुलूस को शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से निकालने पर जोर, युवाओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। आज यानी 26 अगस्त को निकलने वाले जुलूस-ए-मुहम्मदी को लेकर तहरीके खिदमत-ए-इस्लामी की ओर से उम्मत के नाम संदेश जारी किया गया है। संगठन के अध्यक्ष जनाब कारी अतीक अहमद बरकाती की मौजूदगी में क्षेत्र के तमाम उलेमा-ए-किराम की बैठक हुई, जिसमें जुलूस को शांतिपूर्ण, मर्यादित और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप निकालने पर जोर दिया गया।
उलेमा-ए-किराम ने लोगों से अपील की कि जुलूस-ए-मुहम्मदी में तेज आवाज वाले डीजे, नाच-कूद, स्प्रे तथा ऐसे अन्य कार्यों से पूरी तरह परहेज किया जाए, जिनका शरीयत से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि जुलूस का उद्देश्य मोहब्बत, अदब, एहतराम और पैगंबर-ए-इस्लाम के प्रति अपनी अकीदत का इजहार करना है, इसलिए इसमें सादगी और अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उलेमा ने तेज आवाज वाले डीजे से होने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक तेज आवाज से बीमारों, बुजुर्गों, बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। इस्लाम किसी दूसरे व्यक्ति को तकलीफ पहुंचाने की इजाजत नहीं देता। ऐसे में जुलूस के दौरान दूसरों की सुविधा और भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
बैठक में उलेमा-ए-किराम ने जुलूस में शामिल होने वाले लोगों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस में शामिल हों और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें, जिससे धार्मिक आयोजन की गरिमा प्रभावित हो। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
इस दौरान कारी अतीक अहमद बरकाती, कारी अनीसुर्रहमान (गनेशपुर), मौलाना मुफीद आलम (सुजावलपुर), कारी जुल्फिकार रज़ा (पचपोखरा), मौलाना फरीद साहब (डुंडवारा), कारी जावेद साहब, कारी इस्लाम साहब, हाफिज अब्दुल सुब्हान साहब (गनेशपुर), मुफ्ती नसीमुद्दीन साहब (गनेशपुर), मौलाना अब्दुल खालिद साहब (इमाम पचपोखरा), रहीस अहमद साहब (गनेशपुर), मौलाना जैनुल आबेदीन साहब (डुंडवारा), हाफिज जैनुल आबेदीन साहब (डुंडवारा), कमर रज़ा साहब (इमाम जामा मस्जिद डुंडवारा), मौलाना रियाज़ुद्दीन साहब (इमाम मदीना मस्जिद डुंडवारा), मौलाना रियाज़ अहमद मिस्वाही (इमाम नूरी मस्जिद धवा), हाफिज शान मुहम्मद (इमाम ककरैटा), कारी नाजिम साहब (डुंडवारा) और हाफिज शाहिद साहब (एक मीनार मस्जिद, पचपोखरा) सहित क्षेत्र के कई उलेमा मौजूद रहे।
तमाम उलेमा-ए-अहले सुन्नत ने लोगों से 26 तारीख को निकलने वाले जुलूस-ए-मुहम्मदी को मोहब्बत, भाईचारे, सादगी, शांति, अदब और एहतराम के साथ निकालने की अपील की। साथ ही आयोजन की गरिमा बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने का संदेश दिया।