शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर फूटा डीएम का गुस्सा, बोले- सिर्फ औपचारिक जवाब देकर नहीं चलेगा काम
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
आईजीआरएस पर दर्ज जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतना अधिकारियों को भारी पड़ गया। शिकायतों की समीक्षा में कार्रवाई अपेक्षित गुणवत्ता की नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उप जिलाधिकारी सहावर समेत 12 अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। डीएम प्रणय सिंह की कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान पाया कि कई मामलों में शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता पूरी करने तक सीमित रहा। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान किए बिना सतही जवाब देकर प्रकरण बंद किए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
वेतन रोकने के निर्देश उप जिलाधिकारी सहावर, उप निदेशक कृषि, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डिप्टी आरएमओ कासगंज, चकबंदी अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक कासगंज, पूर्ति निरीक्षक पटियाली, जिला पंचायत राज अधिकारी कासगंज, तहसीलदार पटियाली सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के संबंध में दिए गए हैं।
डीएम प्रणय सिंह ने दो टूक कहा कि आईजीआरएस पर शिकायत का निस्तारण केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर समस्या के समाधान के साथ होना चाहिए। प्रत्येक शिकायत की वास्तविक स्थिति का स्थलीय और अभिलेखीय परीक्षण कराकर स्पष्ट, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण आख्या प्रस्तुत की जाए। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले बिना किसी प्रकरण को निस्तारित मानना स्वीकार्य नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही, खानापूर्ति या औपचारिकता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों का प्रभावी और संतोषजनक निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
डीएम प्रणय सिंह के इस सख्त एक्शन से साफ संदेश है कि आईजीआरएस पर शिकायत दबाने या महज रिपोर्ट लगाकर मामला निपटाने की कोशिश अब अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है।