उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय खेल महोत्सव का रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। 28 से 30 अगस्त तक चले खेल महोत्सव में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना का प्रदर्शन किया।
समापन दिवस की शुरुआत विश्वविद्यालय के खेल परिसर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं से हुई। विभिन्न स्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। 100 मीटर दौड़ में ECE के कार्तिक लोहानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। सार्थक गंभीर दूसरे और सनी गैंग तीसरे स्थान पर रहे।
इसके बाद 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिता कराई गई। इसमें ECE के प्रदीप कुमार ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। MBA के अंकुर सिंह दूसरे और ECE के धर्मेंद्र कुमार तीसरे स्थान पर रहे। लॉन्ग जंप प्रतियोगिता में धर्मेंद्र कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, गोला फेंक प्रतियोगिता में AI के कुणाल सिंह ने अपनी ताकत और तकनीक का बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।
फुटबॉल में दिखा टीमवर्क और खेल भावना
समापन दिवस की शाम को फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल, अनुशासन और टीम भावना देखने को मिली। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने खेल के प्रति अपनी रुचि और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
तीन दिवसीय खेल महोत्सव के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में खेलों को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया। विभिन्न खेल गतिविधियों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ शारीरिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर दिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस को प्रोत्साहित करना रहा।
डिजिटल युग में फिटनेस के लिए खेल जरूरी
विश्वविद्यालय के खेल सचिव प्रो. एसएस बेदी ने कहा कि "खेलो इंडिया, बढ़ेगा इंडिया" स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में विद्यार्थी लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में शारीरिक और मानसिक फिटनेस बनाए रखने के लिए खेलों को जीवन का नियमित हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ प्रतिदिन खेलों और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालने की अपील की। प्रो. बेदी ने कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि व्यक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और टीम भावना जैसे गुण भी विकसित करते हैं।
उन्होंने खेल महोत्सव के सफल आयोजन के लिए स्पोर्ट्स कमेटी, प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। साथ ही विश्वविद्यालय में नियमित खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए "एक घंटा खेल के मैदान में" अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही।
विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों के लिए भी बेहतर अवसर और वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ विभिन्न स्तरों पर विश्वविद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।