जागरण टुडे, मथुरा।
श्रावण पूर्णिमा और विश्व संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत भारती की ओर से संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में घर-घर संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया गया। अभियान के तहत लोगों को तुलसी के पौधे, श्रीमद्भगवद्गीता और ‘संस्कृत वदतु’ पुस्तिका वितरित की गई।
‘घर-घर तुलसी, घर-घर गीता’ वितरण अभियान का शुभारंभ गोपाल गली स्थित गोपाल मंदिर में श्री गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर यदुनंदन जी महाराज ने किया। इस अवसर पर संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य आचार्य कुंज किशोर चतुर्वेदी, आचार्य मकरंद चतुर्वेदी, ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी, प्रमुख समाजसेवी देवेश चतुर्वेदी तथा गिरधर पाठक को तुलसी पौधा, श्रीमद्भगवद्गीता और ‘संस्कृत वदतु’ पुस्तिका भेंट की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य मुरलीधर चतुर्वेदी और ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक चतुर्वेदी ने वैदिक एवं पौराणिक मंगलाचरण के साथ किया। पीठाधीश्वर यदुनंदन जी महाराज ने संस्कृत भारती की ओर से संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने संस्कृत को जनसाधारण की भाषा बनाने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए आशीर्वाद दिया।
आचार्य कुंज किशोर चतुर्वेदी, आचार्य मकरंद चतुर्वेदी और ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने अपने विचार रखे। उन्होंने युवा पीढ़ी को संस्कृत भाषा से जोड़ने और इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्कृत भारती मथुरा जनपद अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने बताया कि संस्कृत सप्ताह के तहत घर-घर संस्कृत भाषा के स्टीकर, बैनर और पत्रक वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही तुलसी पौधे, श्रीमद्भगवद्गीता और ‘संस्कृत वदतु’ पुस्तिका भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि और आकर्षण पैदा करना है।
संस्कृत भारती ब्रजप्रांत न्यास सचिव गंगाधर अरोड़ा और हरस्वरूप यादव ने संस्था के उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक रामदास चतुर्वेदी शास्त्री, आचार्य शरद चतुर्वेदी, सौरभ शास्त्री और पंकज शास्त्री ने विद्वानों को अंगवस्त्र, तुलसी पौधा, श्रीमद्भगवद्गीता और पुस्तिका भेंट की। पूर्व पार्षद रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने संचालन करते हुए सभी का आभार जताया।