जागरण टुडे। बिजली विभाग की वर्कशॉप में मरम्मत के लिए भेजे जाने वाले खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कथित तौर पर संविदा लाइनमैन के घर पर ही कराई जा रही थी। शिकायत के आधार पर सोमवार को पुलिस ने निगोही क्षेत्र के उदरिया गांव में छापा मारा। यहां संविदा लाइनमैन पूरन लाल के घर से अलग-अलग क्षमता के छह ट्रांसफार्मर बरामद किए गए। इसके अलावा ट्रांसफार्मर की क्वाइल, कोर, मोबिल ऑयल और मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी मिले।
पुलिस की कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया। बरामद ट्रांसफार्मरों में 100, 63 और 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर शामिल हैं। मौके से 16 नंबर की 16 क्वाइल, ट्रांसफार्मर के अंदर की कोर, एक ड्रम मोबिल ऑयल और ट्रांसफार्मर खोलने-बांधने के उपकरण भी बरामद हुए हैं।
ग्रामीणों से रुपये लेने का भी आरोप
ट्रांसफार्मर मेंटीनेंस का काम देखने वाली फर्म लक्ष्मी चंद्र एंड कंपनी के प्रोपराइटर ओपी वर्मा ने संविदा लाइनमैन पर घर पर ही अवैध वर्कशॉप संचालित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खराब ट्रांसफार्मरों को विभागीय वर्कशॉप में भेजने के बजाय घर पर ही उनकी मरम्मत कराई जा रही थी। आरोप यह भी है कि किसानों और ग्रामीणों से ट्रांसफार्मर की मरम्मत के नाम पर रुपये लिए जाते थे।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अलग-अलग गांवों के ट्रांसफार्मर मिलने से सवाल
छापे में मिले ट्रांसफार्मर अलग-अलग क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं। इनमें से दो ट्रांसफार्मरों की पहचान हो चुकी है। एक ट्रांसफार्मर गंगसरा के पास पकड़िया हकीम गांव और दूसरा भावलखेड़ा के बड़ावन गांव का बताया गया है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि विभिन्न क्षेत्रों के खराब ट्रांसफार्मर विभागीय वर्कशॉप के बजाय लाइनमैन के घर तक कैसे पहुंचे।
पहचान छिपाने को उखाड़ी गईं यूनिक नंबर प्लेटें
मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई कि बरामद कुछ ट्रांसफार्मरों की यूनिक नंबर प्लेटें उखाड़ी गई थीं। आशंका है कि ऐसा उनकी पहचान और संबंधित क्षेत्र का पता छिपाने के लिए किया गया हो। जिन ट्रांसफार्मरों पर नंबर प्लेटें लगी हुई हैं, उनकी कंप्यूटर के माध्यम से जांच कराई जा रही है।
पुलिस और बिजली विभाग अब बरामद ट्रांसफार्मरों के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये ट्रांसफार्मर किन क्षेत्रों से लाए गए थे और इनकी मरम्मत किस उद्देश्य से की जा रही थी।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घर पर ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का यह काम कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में विभागीय स्तर पर भी जांच की जा रही है।