Friday, September 11, 2026

गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट, डीएम ने संवेदनशील इलाकों जायजा लिया

लेखक: Jagran Today | Category: उत्तर प्रदेश | Published: September 2, 2026

गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट, डीएम ने संवेदनशील इलाकों जायजा लिया

शैलेंद्र पांडेय, शाहजहांपुर

जागरण टुडे। गर्रा नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर अगले कुछ दिनों में और बढ़ने का अनुमान है। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को अधिकारियों की टीम के साथ गर्रा नदी से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया और बाढ़ सुरक्षा की तैयारियों की समीक्षा की।


जिलाधिकारी नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, एडीएम वित्त/राजस्व अरविंद कुमार, एसडीएम सदर अतुल कुमार सिंह समेत सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ मोहल्ला सुभाष नगर के पास निर्माणाधीन पुल पर पहुंचे। यहां उन्होंने गर्रा नदी के बढ़ते जलस्तर और आसपास की स्थिति का जायजा लिया।

इसके बाद डीएम ने मौजमपुर पंप कैनाल के पास डैम रोड और अजीजगंज तटबंध क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बाढ़ का पानी शहर में पहुंचने से रोकने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने डैम रोड के कल्वर्ट को लोक निर्माण विभाग की निगरानी में बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में इस रास्ते से बाढ़ का पानी शहर की ओर नहीं पहुंचना चाहिए। अजीजगंज तटबंध के पास कांशीराम कॉलोनी के नाले पर लगे गेट की स्थिति का भी जायजा लिया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने एडीएम को दो से तीन शरणालय सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

4 सितंबर तक बढ़ सकता है गर्रा का जलस्तर

अधिशासी अभियंता, शारदा नहर खंड ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश का असर गर्रा नदी के जलस्तर पर पड़ रहा है। अनुमान है कि इसका प्रभाव 4 सितंबर 2026 तक शाहजहांपुर पहुंच सकता है। इस दौरान नदी का जलस्तर करीब 148.00 मीटर तक पहुंचने की संभावना है।

प्रशासन के अनुसार, 1 सितंबर की रात करीब 11 बजे पीलीभीत स्थित दियूनी बैराज से गर्रा नदी में 36,801 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर अगले तीन से चार दिनों में शाहजहांपुर के अजीजगंज पुल पर पहुंचने की संभावना है। फिलहाल यहां नदी का जलस्तर 146.10 मीटर दर्ज किया गया है। करीब दो मीटर तक बढ़ोतरी का अनुमान है। हालांकि अनुमानित जलस्तर खतरे के निशान 148.80 मीटर से नीचे रहने की संभावना है।

रामगंगा का जलस्तर बढ़ने की भी आशंका

पहाड़ी क्षेत्रों और रामगंगा नदी के कैचमेंट एरिया में हुई बारिश के कारण शाहजहांपुर के डबरी घाट पर भी अगले तीन से चार दिनों में जलस्तर करीब 60 सेंटीमीटर बढ़ने का अनुमान है। इसके खतरे के निशान 137.30 मीटर के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है। इससे मुख्य रूप से परशुरामपुरी और कलान क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।

नदी किनारे न जाने की अपील

जिलाधिकारी ने नदी के तटीय, नगरीय और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने के दौरान लोग नदी के बहाव क्षेत्र, किनारों, घाटों और अजीजगंज पुल के निचले हिस्सों में जाने से बचें। बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। मवेशियों को भी ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर बांधने की व्यवस्था करें।

डूब क्षेत्र में रहने वाले परिवारों से जरूरी दस्तावेज, राशन, दवाइयां और कीमती सामान सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

आपदा की स्थिति में यहां करें संपर्क

किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर 05842-462754 और 351037 पर संपर्क किया जा सकता है।

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