जागरण टुडे, मथुरा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास के बीच श्रीकृष्णोत्सव-2026 के दूसरे दिन गुरुवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा निकाली गई। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार से शुरू हुई शोभायात्रा में ब्रज की लोक संस्कृति के साथ देश के विभिन्न अंचलों की लोक कलाओं का रंग देखने को मिला। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का मन मोह लिया।
शोभायात्रा का शुभारंभ प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने किया। इस दौरान जिलाधिकारी सीपी सिंह, सीईओ लक्ष्मी नागप्पन, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजीव पांडेय, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश चंद्र सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और ढोल-नगाड़े बजाकर आयोजन में सहभागिता की।
शोभायात्रा में मयूर नृत्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। कलाकारों की विभिन्न टोलियों ने ब्रज की पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। कहीं बांसुरी की मधुर धुन सुनाई दी तो कहीं ढोल-नगाड़ों की थाप पर कलाकार थिरकते नजर आए। राजस्थानी गुजरियों का नृत्य, रीछ, भालू और लंगूर के रूप में बहरूपियों की कलाकारी तथा बीन की धुन ने भी लोगों को आकर्षित किया। विभिन्न टोलियों के संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शोभायात्रा श्रीकृष्ण जन्मस्थान से शुरू होकर पोतरा कुंड, गोविंद नगर और डीग गेट होते हुए वापस जन्मस्थान पहुंची। पूरे मार्ग में स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने कलाकारों का स्वागत किया। देश-विदेश से जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचे श्रद्धालु भी शोभायात्रा देखने के लिए रास्ते में रुक गए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर कलाकारों का स्वागत किया।
पूरे मार्ग में राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष गूंजते रहे। भक्ति, संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति के संगम ने श्रीकृष्णोत्सव के दूसरे दिन को खास बना दिया।