प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन के साथ नियमित अध्ययन करना चाहिए। समय का सदुपयोग और निरंतर मेहनत ही सफलता की राह आसान बनाती है। यह बात जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत जीएफ कॉलेज में संचालित निशुल्क कोचिंग के निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए कही।
जिलाधिकारी ने कोचिंग में UPSC, UPPCS, NEET और JEE की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान आ रही समस्याओं के बारे में भी पूछा और आवश्यक सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सबसे पहले अपने लक्ष्य को स्पष्ट करना चाहिए। इसके बाद लक्ष्य के अनुरूप समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए नियमित अध्ययन की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी टाइमटेबल बनाने, विषयवार तैयारी करने और अच्छे नोट्स तैयार करने की सलाह दी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान देने को कहा।
लिखने का नियमित अभ्यास जरूरी
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए लिखने का निरंतर अभ्यास भी जरूरी है। इससे समय प्रबंधन के साथ उत्तर लिखने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत के साथ धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतरता भी जरूरी है। तैयारी के दौरान कई बार असफलता का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इससे निराश होने की जरूरत नहीं है। असफलता से सीख लेकर अपनी कमियों को पहचानना चाहिए और तैयारी में आवश्यक सुधार करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सफलता एक दिन में हासिल नहीं होती, बल्कि यह निरंतर प्रयास और समर्पण का परिणाम है। लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से मेहनत करते रहने पर सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है।