दो चुनाव में भाजपा को जिताने के बाद भी नहीं बदली गांव की तस्वीर
जागरण टुडे। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के ददरौल विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत महमदपुर अजमाबाद में बरसात के बाद सड़क और गलियों की हालत बदहाल हो गई है। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की मुख्य सड़क और गलियों का निर्माण न होने के कारण बारिश के मौसम में हर साल ऐसे ही हालात बनते हैं। कई बार शिकायत और मांग के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बारिश का पानी रास्तों पर जमा हो जाता है। इसके बाद रास्ते कीचड़ से भर जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए भी इन रास्तों से गुजरना चुनौती बना हुआ है।
दो चुनाव में भाजपा को बूथ जिताया, फिर भी समस्या जस की तस
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि पिछले दो चुनावों में गांव के बूथ पर भाजपा को लगातार समर्थन मिला और पार्टी को जीत दिलाई गई, लेकिन इसके बावजूद गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी उन्हें लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बदहाल सड़कों और गलियों के कारण बरसात के दिनों में परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने कई बार समस्या रखी गई, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया।
समस्या दूर नहीं हुई तो नोटा का विकल्प चुनने की चेतावनी
बदहाल रास्तों से नाराज ग्रामीणों ने अब चुनाव में नोटा का विकल्प चुनने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही मुख्य सड़क और गलियों के निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आगामी चुनाव में किसी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के बजाय नोटा का विकल्प चुनने पर विचार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन और ददरौल विधायक से गांव की स्थिति का संज्ञान लेकर मुख्य सड़क, गलियों और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क और गलियों का निर्माण होने से ग्रामीणों को बरसात के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिल सकेगी।