गर्रा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को बाढ़ पूर्व तैयारियां पूरी रखने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार सुरक्षात्मक और निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रशासन की ओर से बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारी लगातार स्थलीय निरीक्षण कर नदी के जलस्तर और आसपास की स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
एडीएम ने संवेदनशील क्षेत्रों का किया निरीक्षण
गुरुवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार ने गर्रा नदी के विभिन्न बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर चल रहे बाढ़ बचाव कार्यों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मनफूल कॉलोनी में गर्रा नदी से जुड़े नाले पर बाढ़ का पानी आबादी की ओर आने से रोकने के लिए फ्लैप गेट लगाने की कार्रवाई पूरी कराई गई। यह कार्य स्थानीय पार्षद मनीष गुप्ता की मौजूदगी में कराया गया। प्रशासन के अनुसार फ्लैप गेट नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी के बैकफ्लो को नियंत्रित करने में मदद करेगा। इससे आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका भी कम होगी।
ककरा पुल पर जलस्तर की स्थिति देखी
अपर जिलाधिकारी ने अजीजगंज स्थित ककरा पुल पहुंचकर गर्रा नदी के बढ़े हुए जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने नदी की स्थिति और जलस्तर में हो रही वृद्धि पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।
इसके बाद एडीएम ने शहवेजपुर क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पानी आबादी की ओर आने की संभावना को देखते हुए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों की सुरक्षा, जल निकासी और राहत-बचाव के लिए जरूरी इंतजाम पहले से सुनिश्चित रखें।