श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को बरेली में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। शहर के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। राजेंद्र नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर रंग-बिरंगी झालरों से जगमगाता नजर आया। वहीं त्रिवटीनाथ मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
त्रिवटीनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि जन्माष्टमी पर मंदिर परिसर में वृंदावन जैसा वातावरण नजर आया। बड़ी संख्या में बच्चों ने बाल कृष्ण और राधा का रूप धारण कर मंदिर परिसर में अठखेलियां कीं। बच्चों के रूप में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झलक देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को नवीन पोशाक धारण कराकर आकर्षक शृंगार किया गया। भक्तों ने भगवान के मनमोहक स्वरूप के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर में ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालु कान्हा के प्राकट्य का बेसब्री से इंतजार करते नजर आए।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल
मंदिर के रामालय में शाम से ही भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव की खुशी मनाई। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए। पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
रात 12 बजे हुआ कान्हा का प्राकट्य
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। मंदिर समिति की ओर से पालने में बाल स्वरूप श्रीकृष्ण को विराजमान कराया गया। ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया गया मानो नंद बाबा बाल कृष्ण को लेकर वृंदावन जा रहे हों।
प्राकट्य के समय महाआरती का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान की आरती उतारी। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर सेवा समिति के प्रताप चंद्र सेठ, मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल, सुभाष मेहरा और हरिओम अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।