मूसाझाग थाना क्षेत्र के नगर पंचायत गुलड़िया में अर्जुन तालाब के पास वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत विशाल दंगल कुश्ती का आयोजन किया गया। दंगल में आसपास के जनपदों के साथ ही दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में अपने दमखम और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। छोटी-बड़ी दर्जनों कुश्तियों को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक उमड़े। मुकाबलों के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पहलवानों का उत्साह बढ़ाया।
दंगल की अध्यक्षता मानवेंद्र सिंह ने की। आयोजन में पहली बड़ी कुश्ती 7000 रुपये की हुई। इसमें हाथरस के अरविंद पहलवान और मुजफ्फरनगर के अर्जुन पहलवान आमने-सामने रहे। दोनों के बीच जोरदार मुकाबला हुआ, लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी पहलवान निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सका और कुश्ती बराबरी पर छूट गई। इसके बाद इनाम की धनराशि विवेक गंगवार ने दोनों पहलवानों में बराबर बांट दी।
5100 रुपये की दूसरी कुश्ती शिवनगर के प्रदीप पहलवान और कौर मझारा के सत्यवीर पहलवान के बीच हुई। दोनों पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच दिखाए, लेकिन मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। इनाम की राशि लवलेश पटेल ने दोनों पहलवानों को बराबर वितरित की।
4000 रुपये की तीसरी कुश्ती बरेली के मुन्ना पहलवान और मुजफ्फरनगर के तुषार पहलवान के बीच हुई। कड़े संघर्ष के बावजूद यह मुकाबला भी बराबरी पर छूटा। इनाम की धनराशि दंगल अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने दोनों पहलवानों को समान रूप से प्रदान की।
इसके बाद 4000 रुपये की चौथी कुश्ती खेड़ा के सौरभ पहलवान और बरेली के अरमान पहलवान के बीच हुई। दोनों के बीच काफी देर तक जोरदार मुकाबला चला। अंत में अरमान पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी अपने नाम कर ली। विजेता अरमान पहलवान को इनाम की धनराशि संजीव पटेल ने प्रदान की।
पांचवीं कुश्ती कानपुर के मनीष पहलवान और बरेली के सर्जन पहलवान के बीच हुई। दोनों ने अखाड़े में बेहतरीन दांव-पेंच आजमाए, लेकिन मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। इनाम की धनराशि नितेश पटेल उर्फ बबलू ने दोनों पहलवानों को बराबर-बराबर प्रदान की।
दंगल के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इंस्पेक्टर क्राइम उपेंद्र पाल सिंह, लल्लन बाबू समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। दंगल कमेटी की ओर से पुलिस टीम को सम्मानित भी किया गया।
दंगल को सफल बनाने में व्यवस्थापक भेष पटेल, राजवीर सिंह, नरेंद्र मोहन, वीरेंद्र सहित कमेटी के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन के दौरान अखाड़े में उत्साह और रोमांच का माहौल बना रहा।