पारिवारिक विवादों को बातचीत और आपसी समझाइश से सुलझाने की पुलिस की पहल रंग ला रही है। शनिवार को पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में आयोजित सुनवाई के दौरान 25 पारिवारिक विवादों से जुड़ी पत्रावलियों पर सुनवाई की गई। काउंसलिंग के बाद दो दंपतियों के बीच आपसी सहमति से समझौता करा दिया गया। दोनों दंपतियों को सकुशल साथ भेज दिया गया।
परिवार परामर्श केंद्र में थाना कटरा क्षेत्र के एक दंपती का मामला पहुंचा था। करीब नौ माह पहले दोनों की शादी हुई थी। घरेलू बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। पत्नी करीब 10 दिन से मायके में रह रही थी। वह पांच माह की गर्भवती भी थी। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को समझाया गया। बातचीत के बाद पति-पत्नी ने पुराने मतभेद भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। पति ने भविष्य में विवाद न करने और पत्नी को अपने साथ रखने का भरोसा दिया।
दूसरा मामला थाना कोतवाली क्षेत्र का था। करीब चार माह पहले शादी हुई थी और पत्नी पिछले दो माह से मायके में रह रही थी। उसने पति पर गाली-गलौज और मारपीट करने के साथ इलाज नहीं कराने तथा खर्च के लिए रुपये नहीं देने के आरोप लगाए थे। परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों की बात सुनी और काउंसलिंग की। इसके बाद पति ने भविष्य में मारपीट नहीं करने, पत्नी का ठीक से पालन-पोषण करने और जरूरत के मुताबिक खर्च देने का आश्वासन दिया। दोनों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म कर साथ रहने का निर्णय लिया।
परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों दंपतियों को समझाइश देकर उनके विवाद का समाधान कराया और उन्हें सकुशल विदा किया। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को मुकदमेबाजी तक पहुंचने से पहले संवाद और समझौते के माध्यम से सुलझाना है।
इस दौरान प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र म0उ0नि0 मधु यादव, महिला आरक्षी पिंकी, निशा मिश्रा, शीतल चौहान, रश्मि चौधरी, मोनिका कुमारी, नेहा चौहान और आरक्षी विनीत कुमार आदि मौजूद रहे।