जागरण टुडे,मीरगंज(बरेली)।
रामगंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित कटान को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। सोमवार को जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह ने तहसील मीरगंज के ग्राम कपूरपुर में रामगंगा नदी के बाएं किनारे स्थित प्राचीन रामगंगा मंदिर के निकट चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नदी के बहाव, कटान प्रभावित क्षेत्र और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों से चल रहे कार्यों की तकनीकी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कटान रोकने के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि रामगंगा तट पर स्थित प्राचीन मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। ऐसे में मंदिर सहित आसपास की आबादी को नदी के कटान और संभावित बाढ़ से सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बाढ़ खंड के अभियंताओं को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्वयं ट्रैक्टर से जलप्लावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से संवाद कर नदी के बहाव, कटान की स्थिति और क्षेत्रीय समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा कराए जा रहे फ्लड फाइटिंग कार्यों को लेकर अपने सुझाव भी दिए। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने रामगंगा तट स्थित गंगा माता मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और जनपदवासियों की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की सुरक्षा की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है और जनधन की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, उपजिलाधिकारी मीरगंज निधि शुक्ला, बाढ़ खंड बरेली के सहायक अभियंता, अवर अभियंता, ग्राम प्रधान, संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।