मादक पदार्थ तस्करी के झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप, चारों पुलिसकर्मी निलंबित
सर्राफा कारोबारी को मादक पदार्थ तस्करी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रुपये वसूलने के मामले में पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपों की जांच के बाद पुलिस ने नामजद चार सिपाहियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी सिपाही फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। मामले में एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों नामजद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह के अनुसार, सर्राफा कारोबारी की शिकायत पर थाना परशुरामपुरी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए क्षेत्राधिकारी तिलहर और क्षेत्राधिकारी जलालाबाद के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई है।
सादा कपड़ों में पहुंचे थे चार पुलिसकर्मी
पुलिस के अनुसार, चार सितंबर की रात सादा कपड़ों में चार पुलिसकर्मियों ने मोबाइल फोन के जरिये सर्राफा कारोबारी सुंदरम क्षत्रिय से संपर्क किया। उससे कुछ जानकारी लेने की बात कहकर उसे सरैया मोड़ पर बुलाया गया। कारोबारी के वहां पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया।
गाड़ी में मादक पदार्थ रखने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने एक पॉलीथिन में कथित मादक पदार्थ कारोबारी की गाड़ी में रख दिया। इसके बाद उसे मादक पदार्थ तस्करी के मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। कारोबारी ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट करने का भी आरोप है।
पिता को फोन कर रात में मंगवाए दो लाख
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कारोबारी से उसके पिता को फोन कराया और दो लाख रुपये मंगवाने के लिए दबाव बनाया। कारोबारी के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे रुपये मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे धमकी दी और छोड़ दिया।
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि फरार दो सिपाहियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला पुलिसकर्मियों से जुड़ा होने के कारण जांच की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।